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सांसद राकेश सिन्हा बोले: शादी की उम्र 21 साल करने का विरोध विशेष समुदाय के लोग ही कर रहे
Mon, 20 Dec 2021 11:31 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 20 Dec 2021 11:31 AM IST
सार
राज्यसभा सांसद और आरएसएस के विचारक प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि समुदाय विशेष के लोग जनसंख्या नियंत्रण कानून के विरोधी बने बैठे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से आयोजित वंदे मातरम गायन कार्यक्रम के लिए वाराणसी पहुंचे राज्यसभा सांसद और आरएसएस के विचारक प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी देश को बताएं कि वंदेमातरम राष्ट्रगीत है या राष्ट्रगान? अमर उजाला से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, हाल ही में लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 किए जाने पर समुदाय विशेष के लोग विरोध कर रहे हैं।
समुदाय विशेष के लोग जनसंख्या नियंत्रण कानून के विरोधी बने बैठे हैं। देश में जनसंख्या असंतुलन बड़ी समस्या है और इसी कारण देश का विभाजन भी हो चुका है। अब ऐसा विभाजन न हो इसके लिए जनसंख्या नियंत्रण का कानून बनना ही चाहिए।
जातिगत जनगणना जरूरी नहीं
उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या नियंत्रण नहीं हुआ तो संसाधनों का अनुपात बिगड़ता चला जाएगा। जनसंख्या नियंत्रण के कानून को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है कि यह किसी खास वर्ग के खिलाफ है। राजनीतिक कारणों से जातिगत जनगणना की मांग हो रही है। जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं उनके पास इसका तार्किक कारण नहीं है।
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समुदाय विशेष के लोग जनसंख्या नियंत्रण कानून के विरोधी बने बैठे हैं। देश में जनसंख्या असंतुलन बड़ी समस्या है और इसी कारण देश का विभाजन भी हो चुका है। अब ऐसा विभाजन न हो इसके लिए जनसंख्या नियंत्रण का कानून बनना ही चाहिए।
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जातिगत जनगणना जरूरी नहीं
उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या नियंत्रण नहीं हुआ तो संसाधनों का अनुपात बिगड़ता चला जाएगा। जनसंख्या नियंत्रण के कानून को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है कि यह किसी खास वर्ग के खिलाफ है। राजनीतिक कारणों से जातिगत जनगणना की मांग हो रही है। जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं उनके पास इसका तार्किक कारण नहीं है।
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हर व्यक्ति तक विकास पहुंचे इसके लिए जातिगत जनगणना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा, 2014 के बाद हम निर्माण का इतिहास पढ़ रहे हैं, पहले लोग विध्वंसकारियों को पढ़ते थे। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी काशी में पिंडदान करने आए थे।