फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sadguru Jaggi Vasudev celebrated Worshiped in kashi vishwanath dham and interacted with followers

काशी में सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने मनाया आत्मज्ञान दिवस: बाबा दरबार में टेका मत्था, अनुयायियों से किया संवाद

Fri, 23 Sep 2022 11:17 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 23 Sep 2022 11:17 PM IST
सार

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव काशी में अपना आत्मज्ञान दिवस मनाया। काशी विश्वनाथ धाम में सत्संग में लोगों से नदियों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। 

विज्ञापन
Sadguru Jaggi Vasudev celebrated Worshiped in kashi vishwanath dham and  interacted with followers
काशी विश्वनाथ धाम में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव ने आपने आत्मज्ञान दिवस पर शुक्रवार को काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा का दर्शन किया। स्वर्णमंडित गर्भगृह में पहली बार बाबा का दर्शन-पूजन कर रहे सदगुरुने इस दौरान धाम की शोभा भी निहारी। सदगुरु जग्गी वासुदेव जलमार्ग से काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। दरभंगा घाट स्थित बृजरमा पैलेस से वह नौका से ललिता घाट पहुंचे।  

विज्ञापन


धाम पहुंचने पर अनुयायियों ने दोनों हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन किया। विश्वनाथ धाम से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक अलग अलग जगहों पर उनके अनुयायियों का समूह मौजूद था। एनआरआई अनुयायी भी मुख्य परिसर में सदगुरु का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे थे। बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद गर्भगृह से निकलने के बाद सदगुरु ने  शिखर का दर्शन किया।
विज्ञापन


करीब आधा घंटा तक हजारों अनुयायियों के साथ विश्वनाथ मंदिर में रहने के बाद वह नदेसर स्थित होटल पहुंचे। 23 सितंबर को  ही सदगुरु को मैसूर की पहाड़ी पर ध्यानावस्था में आत्मबोध हुआ था। तब से वह इस दिन को अपने आत्मज्ञान दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। वर्ष 2019 में पहली बार वह इस आध्यात्मिक उत्सव के लिए काशी आए थे। इसके बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और वहां से काशी लौट आए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वैदिक इतिहास के पन्ने पलटने से होगा ज्ञानवापी का समाधान

Sadguru Jaggi Vasudev celebrated Worshiped in kashi vishwanath dham and  interacted with followers
काशी विश्वनाथ धाम में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव - फोटो : अमर उजाला

सदगुरु जग्गी वासुदेव ने नदेसर स्थित एक होटल में आत्मज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आदियोगी शिव की नगरी काशी के कण कण में महादेव स्वयं विराजते हैं। वैदिक इतिहास शिव और शिवत्व की महिमा से भरे हुए हैं। ज्ञानवापी में मूल रूप से विराट शिव मंदिर ही विराजमान था। हमारे हजारों वर्ष पुरातन वैदिक इतिहास ज्ञानवापी के शिव मंदिर के अवर्णनीय  वैभव से सज्जित है।
 

वर्तमान में जरूरत है वैदिक इतिहास के उन पन्नों को पलट कर देखने की। सारी शंकाएं स्वयं समाप्त हो जाएंगी। मैसूर से आई एक महिला अनुयायी के विश्वनाथ मंदिर में सफाई के सवाल के जवाब में जग्गी वासुदेव ने कहा कि पहली बार वर्ष 2012 में जब बनारस आया था। तब से लेकर 2022 के बनारस में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। पुरातन काशी का नूतन स्वरूप अत्यंत आकर्षक है। काशी की  सकारात्मक ऊर्जा सदियों से होते आ रहे विभिन्न भौतिक परिवर्तनों से अछूती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed