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यूक्रेन से बनारस लौटा छात्र: कहा- बिना भोजन कई दिन बीते, मौत के मुंह से बाहर आने में भगवान ने की मदद
Sun, 06 Mar 2022 10:26 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 06 Mar 2022 10:26 AM IST
सार
ओडेसा नेशनल मेडिकल कॉलेज के छात्र देवल ने बताया कि यूक्रेन में बिताए गए भयावह दिनों को याद करके मन सिहर उठता है। बॉर्डर पर आकर बिना भोजन के रहना पड़ा।
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यूक्रेन से लौटा पिंडरा निवासी छात्र देवल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रूस-यूक्रेन में जारी जंग के बीच फंसे छात्र अपने घर पहुंचने लगे हैं। वाराणसी के पिंडरा निवासी छात्र देवल भी अपने घर पहुंच गया है। उसे देखते ही माता फूलकुमारी और पिता डॉ. आरसी वर्मा खुशी से झूम उठे और बेटे को गले लगा लिया। देवल ने परिजनों को आपबीती सुनाई तो सब दुखी हुए लेकिन बेटे के सकुशल वापसी पर सरकार का आभार जताया।
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साथ ही कहा कि मौत के मुंह से बाहर आने में भगवान ने की मदद की। फूलपुर निवासी डॉ. दिलीप गिरी का बेटा शिवम गिरी और धरसौना निवासी नंदलाल का पुत्र ललित कुमार बृहस्पतिवार को ही काशी आ गया था। ओडेसा नेशनल मेडिकल कॉलेज के छात्र देवल ने बताया कि यूक्रेन में बिताए गए भयावह दिनों को याद करके मन सिहर उठता है।
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भारतीय दूतावास की ओर से नहीं मिली व्यवस्था
बॉर्डर पर आकर बिना भोजन के रहना पड़ा। भारतीय छात्रों को रोमानिया सीमा पर खुद ही पहुंचने को कहा जा रहा है। लेकिन भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें भोजन और आश्रय की व्यवस्था नहीं कराया जा रहा था। खुद बस का टिकट खरीदना पड़ा। रोमानिया बार्डर पर भोजन, पानी या मोबाइल रिचार्ज करने की व्यवस्था नहीं थी।
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