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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Russia Ukraine Conflict: Seven students each from Varanasi and Jaunpur, six each from Azamgarh and Bhadohi were stranded in Ukraine.

Russia Ukraine Conflict: वाराणसी और जौनपुर के सात-सात, आजमगढ़ और भदोही के छह-छह छात्र यूक्रेन में फंसे, सरकार से लगाई मदद की गुहार 

Thu, 24 Feb 2022 11:26 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 24 Feb 2022 11:26 PM IST
सार

राजातलाब निवासी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि उनका बेटा राहुल सिंह एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गया है। जबसे हमले की सूचना मिली है वह परेशान हैं।

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Russia Ukraine Conflict: Seven students each from Varanasi and Jaunpur, six each from Azamgarh and Bhadohi were stranded in Ukraine.
भदोही की संतृप्ति यादव और प्रिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पूर्वांचल के भी 21 छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। इनमें वाराणसी और जौनपुर के सात-सात, आजमगढ़ और भदोही के छह-छह छात्र-छात्राएं और गाजीपुर के एक छात्र के यूक्रेन में होने की जानकारी मिली है। सभी वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों ने सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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बच्चों की हर पल की खबर जानने के लिए परिजन भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए हैं। आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खतीबपुर निवासी रेनू यादव यूक्रेन में एमबीबीएस की छात्रा है। उसने एक वीडियो जारी कर वहां के हालात के संबंध में जानकारी साझा कर बताया कि सड़कों पर सेना का कब्जा हो चुका है।
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दुकानों पर जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए लंबी लाइन लग रही है। एंबेसी द्वारा उनकी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया गया है। वहीं तहबरपुर थाना क्षेत्र के सोफीपुर नवासी गिरजेश यादव के दो बेटे अमित व अवनीश यूक्रेन में एमबीबीएस मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे हैं।
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इसी तरह नगर क्षेत्र निवासी विनीत विश्वकर्मा, सरायमीर की श्रेया यादव और हीरापट्टी निवासी उज्ज्वल श्रीवास्तव भी यूक्रेन में फंसे हैं। भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय में तैनात डॉ. अर्चना यादव की बेटी संतृप्ति यूक्रेन के विनिशिया शहर के मेडिकल कालेज से पढ़ाई कर रही है।

गांपीगंज के चुड़िहारी मोहाल निवासी चित्रांश गुप्ता डेनप्रो सिटी के स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से और चौरी के कोल्हण गांव निवासी प्रिया तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रही हैं। अभोली ब्लाक के बवई गांव निवासी वरूण बिंद, गोपीगंज नगर के लाइन बाजार निवासी शाह फैसल तथा मुजेफ हुसैन इवानो नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।

जौनपुर की शाहापुर गांव निवासी गरिमा पांडेय डेनिप्रो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की छात्रा है। गरिमा ने बताया कि उसके अलावा लाइन बाजार इलाके के आयुष कुमार और शाहगंज के विनय कुमार भी यूक्रेन में हैं। इसी तरह शहर कोतवाली क्षेत्र के ताड़तड़ा निवासी निखिल वर्मा क्यू में और जफराबाद थाना क्षेत्र के नाथूपुर अहमदपुर निवासी सौरभ कुमार यादव  बीनिशिया शहर में फंसे हैं।

वहीं खुटहन थाना क्षेत्र के शहब्दीपुर निवासी चचेरे भाई अंकेश यादव और उज्ज्वल यादव भी यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। वाराणसी निवासी रमन सिंह ने अपना वीडियो जारी करते हुए भारत सरकार से गुहार लगाई है कि उनको जल्द से जल्द वहां से निकाला जाए। बताया कि वह लोग अभी इवानोफ्रैंकिस में फंसे हैं। वहां पर मार्शल लॉ लग चुका है। स्थिति बहुत खराब है।

गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के देवा गांव निवासी शिशिर पांडेय (23) कीव स्थित ओओ बोगो मेलेट नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पांचवीं वर्ष का छात्र है। इन सभी के परिजन चिंतित हैं। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे वाराणसी के पिंडरा निवासी देवल वर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उनके कॉलेज से एक किमी दूरी पर ही विस्फोट हुआ है।

हम लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। हालांकि हमले की आशंका पहले से ही थी, हम लोग वापस घर आने के लिए प्रयासरत भी थे, लेकिन टिकट की कीमत लाखों में थी इसलिए नहीं आ सके। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन द्वारा बताया जा रहा था की 25 फरवरी से ऑफलाइन कक्षाएं चलेंगी। इसके चलते हम लोगों ने आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।

कमरे में बंद हैं मकबूल हुसैन, कर रहे अल्लाह से दुआ

मैंने सात मार्च का टिकट भी लिया है लेकिन आज से सभी उड़ानें रद्द होने के बाद अब उम्मीद छोड़ चुके हैं। अब तो बस भगवान का ही नाम जप रहे हैं। उनके पिता डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि बेटे से हर आधे-एक घंटे में बात हो रही है। आज मैंने उसके एकाउंट में पैसे भी भेजे हैं और बोला है कि चाहे जितने का भी टिकट मिले लेकर चले आओ। उसकी मां भी बहुत परेशान है।


बड़ागांव पीएचसी प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद के भाई मकबूल हुसैन भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वहां जरूरत के सभी सामान बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं। मकबूल ने बताया कि खाने-पीने की चीजों की दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने सामान खरीदकर अपने घरों में रख लिया है।

हम लोगों ने भी एक सप्ताह का राशन रख लिया है, लेकिन स्थिति काफी गंभीर लग रही है मोबाइल नेटवर्क भी ध्वस्त हो गया है। सिर्फ भाई के कमरे में लगा हुआ वाई फाई ही काम कर रहा है। अब तो सिर्फ अल्लाह का सहारा है। नमाज पढ़कर दुआ मांग रहे हैं कि जल्द से अमन कायम हो। मैंने 26 फरवरी का टिकट भी लिया है, लेकिन अब मुश्किल लग रहा है क्योंकि सभी उड़ानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई हैं।
 

उड़ गई नींद, लगातार हैं बेटे से संपर्क में

राजातलाब निवासी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि उनका बेटा राहुल सिंह उजहोरोड नेशलन यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया है। जब से हमले की सूचना मिली है तो उनकी नींद उड़ी हुई है। बेटे से लगातार बात हो रही है। वहां स्थिति फिलहाल सामान्य है।

जहां हमले हुए है वहां से यूनिवर्सिटी करीब 700-800 किलोमीटर दूर है। तीन मार्च को फ्लाइट का टिकट बुक हो चुका था, लेकिन हमले के चलते उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। कंदवा निवासी डॉ. लालमन पटेल ने बताया कि उनकी बेटी उन्नति पटेल भी इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ती है।

लगातार उससे बातचीत हो रही है। वहां स्थितियां अभी ठीक हैं लेकिन डर बना हुआ है। ऐसे में जल्द से जल्द बच्चे घर आ जाएं बस यही चाहते हैं। इसके साथ ही पांडेयपुर निवासी डॉ. नंदलाल की भी बेटी नेहा भी यूक्रेन में उनके साथ ही पढ़ने गई थी। उसके परिजन भी चिंतित हैं। 

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