रूद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में टेस्टिंग का काम शुरू, जापान-भारत की दोस्ती का है प्रतीक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जापान और भारत की दोस्ती का प्रतीक रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फिनिशिंग और टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है।
कार्यदायी एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी के सह कार्यकारी निदेशक एके गुप्ता ने बताया कि बिजली, सीवर आदि व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। ताकि जो कमियां रहे उन्हें 31 मार्च के पहले दुरुस्त कराया जा सके। ट्रायल का काम 31 मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा। ट्रायल के तौर पर सभी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि दो देशों के मामलों को देखते हुए लोकार्पण की तिथि सरकार तय करेगी। शिवलिंग के आकार का यह सेंटर अप्रैल में जनता को समर्पित किया जाएगा। इसके रखरखाव और चलाने की जिम्मेदारी आईएसडब्ल्यूएसी कंपनी (इंडियन सैनिटेशन वार्ड ब्वाय एंड हार्टिकल्चर कांट्रैक्टर) को दी गई है।
दिव्यांगों का भी रखा विशेष ख्याल
कन्वेंशन सेंटर में दिव्यांगजनों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। सेंटर के दोनों मुख्य दरवाजों पर 6-6 व्हील चेयर का इंतजाम है। बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था है। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सेंटर में लगे हैं 108 एल्युमिनियम के रूद्राक्ष
कंवेंशन सेंटर के बाहरी हिस्से में 108 बड़े रुद्राक्ष लगाए गए हैं, जो कि एल्युमिनियम के बने हैं। यह रुद्राक्ष सेंटर की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। इसके रखरखाव और चलाने की जिम्मेदारी आईएसडब्ल्यूएसी कंपनी (इंडियन सैनिटेशन वार्ड ब्वाय एंड हार्टिकल्चर कांट्रैक्टर) को दिया गया है, जो पहले से टीएफसी का संचालन कर रही है।
दस साल के लिए हुए टेंडर में औसतन प्रतिवर्ष 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये प्रशासन को देगी। प्रतिवर्ष औसत राजस्व 37 प्रतिशत मिलेगा। बाकी वहां के रखरखाव, बिजली, सुरक्षा आदि की व्यवस्था कंपनी करेगी।