UP: डूबते सूर्य को रुद्र, उगते सूर्य को ब्रह्मस्वरूप में देते हैं अर्घ्य, इस शहर में है द्वादश आदित्य के मंदिर
काशी दुनिया का इकलाैता ऐसा शहर है जहां द्वादश आदित्य के मंदिर हैं। भक्त इनके दर्शन-पूजन का पुण्य-लाभ भी उठाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, हर मंदिर के दर्शन का अलग-अलग लाभ है।
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प्रात:कालीन सूर्य को ब्रह्मस्वरूप में, मध्याह्न के भास्कर को विष्णुस्वरूप में और अस्त होते सूर्य को रुद्र रूप में नियमित अर्घ्यदान का विधान शास्त्रों में बताया गया है। उगते सूर्य को पूरी दुनिया प्रणाम करती है, लेकिन डूबते सूर्य और उसके योगदान के वंदन-अभिनंदन की परंपरा भारतीय परंपरा की छांव में ही संभव है। दुनिया में शिव की नगरी काशी ही है जहां एक साथ द्वादश आदित्य के विग्रह और मंदिर मौजूद हैं।
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि स्कंद पुराण के काशी खंड के अनुसार सभी देवता काशी में 15 अंश से विराजमान हैं। वहीं, मूल स्थानों पर महज एक अंश में ही स्थित हैं। वेद व्यास ने लिखा है कि काशी में देव दर्शन से अन्यत्र की अपेक्षा दस गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्मांग में काल पुरुष की पांचवीं राशि सिंह है।
काशी के द्वादश आदित्य
- लोलार्कादित्य (लोलार्क कुंड-भदैनी)
- विमलादित्य (जंगमबाड़ी-खारी कुआं)
- सांबादित्य (सूर्य कुंड)
- उत्तरार्कादित्य (बकरिया कुंड-अलईपुर)
- केशवादित्य (आदिकेशवघाट)
- खखोलादित्य (कामेश्वर गली)
- अरुणादित्य (त्रिलोचन महादेव मंदिर)
- मयूखादित्य (मंगलागौरी मंदिर)
- यमादित्य (संकठाघाट पर यमराज द्वारा स्थापित)
- गंगादित्य (ललिता घाट)
- गवृद्धादित्य (मीरघाट)
- द्रौपदादित्य (विश्वनाथ धाम में)
अस्थायी घाट बनाकर पूजा करेंगे
डाला छठ के लिए आशापुर रामलीला मैदान के पास तालाब में गंदगी के कारण लोगों ने घाट के ऊपर प्लास्टिक बिछाकर पानी भरकर अस्थायी घाट का निर्माण किया है। अर्घ्य देने के बाद इसे हटा लिया जाएगा। आशापुर रामलीला मैदान के पास तालाब में व्रती महिलाएं अपना पूजा पाठ सम्पन्न करती है। लेकिन, इधर कई सालो से तालाब गंदे पानी के साथ जलकुंभी से पटा है।
इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से की थी। अब पूजा के लिए खुद ही तालाब से लगे अस्थायी घाट बनाकर छठ पूजा करेंगे। वार्ड नंबर 32 के पार्षद प्रतिनिधि मैनी पांडेय ने बताया कि कई बार तालाब सफाई के लिए नगर निगम कर्मियों के साथ ही अधिकारियों को बताई गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भगवान भास्कर की प्रतिमा में हुई प्राण प्रतिष्ठा
बरेका छठ समिति की ओर से रविवार को सूर्य सरोवर के प्रांगण में भगवान सूर्य की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्राण प्रतिष्ठा के बाद जल शुद्धिकरण और सरोवर का विधिवत पूजन किया गया। अपर महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे विनोद शुक्ला और छठ राम जन्म चौबे, मुख्य संरक्षा अधिकारी व महामंत्री अजय आर, आलोक कुमार पांडेय ने पूजा की।
गंगा में वाटर बैरिकेडिंग, घाटों पर गोताखोर तैनात, ड्रोन कैमरे से निगरानी
छठ पूजा पर गंगा घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गंगा में वाटर बैरिकेडिंग और जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी के गोताखोर तैनात किए गए हैं। घाटों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा की ड्रोन कैमरे और सीसी कैमरे से निगरानी होती रहेगी। गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन आदि की व्यवस्था की गई है।
रविवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गंगा घाटों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान नमो घाट, अस्सी घाट से रविदास घाट तक पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं को देखा। पुलिस आयुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सुगम यातायात प्राथमिकता में है।
गंगा घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी व गोताखोरों की तैनाती की गई है। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। घाटों पर ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सादे वेश में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी व एंटीरोमियो टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
डीसीपी गोमती ने किया निरीक्षण
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन आकाश पटेल ने रविवार को छठ पूजा की तैयारियों के संबंध में जंसा थाना क्षेत्र के रामेश्वरम मंदिर का निरीक्षण किया। घाटों के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, प्रकाश और सफाई व्यवस्था देखी। यातायात, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था व भीड़-प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। जंसा थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि सभी महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखें।
1200 कर्मचारियों ने 8 दिन में 84 घाट और 63 कुंडों की सफाई की
डाला छठ एवं देव दीपावली की तैयारियां नगर निगम ने मुकम्मल कराई। मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा का निरीक्षण और निर्देश काम आया। आठ दिन में 1200 कर्मचारियों ने 84 घाट और 63 कुंडों की सफाई में योगदान किया। अभी ये कर्मचारी दो दिन और घाटों पर रहेंगे ताकि किसी भी परिस्थिति में पूजा पाठ करने वालों को परेशानी न हो। नगर निगम ने 8 दिनों में घाटों की सिल्ट की सफाई कराई। 84 घाटों पर जमी सिल्ट को साफ कराया।
नगर निगम वाराणसी ने 25 ठेकेदारों को काम पर लगाया गया था। 1200 कर्मचारी सफाई का कार्य कर रहे थे। नगर निगम ने तीन पोकलेन, 10 जेसीबी, 150 पंप लगाकर घाटों से सिल्ट साफ कराया। सभी घाटों पर लाइट लगा दी गई है। घाटों पर सजावट कराई गई है। हर घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
नगर निगम पीआरओ संदीप कुमार के अनुसार गंगा घाटों पर 150 पंप और कुंडों पर 50 से ज्यादा पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। सोमवार की सुबह तक सभी घाटों और कुंडों की सफाई हो जाएगी ताकि व्रतियों को कोई दिक्कत शाम तक न होने पाए।