वाराणसी जिला जेल में बवाल: 41 नामजद सहित कई अज्ञात बंदियों पर मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी फुटेज से हो रही उपद्रवियों की पहचान
वाराणसी जिला जेल में शुक्रवार सुबह एक बंदी की मौत के बाद गुस्साए बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया था। प्रशासनिक कार्यालय, बैरक सहित जेल की एंबुलेंस में तोड़फोड़ की थी।
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वाराणसी जिला जेल में शुक्रवार को हुए बवाल और तोड़फोड़ के मामले में जेलर की तहरीर पर 41 नामजद सहित दर्जनों अज्ञात बंदियों के खिलाफ लालपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। सभी के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति की क्षति, आपराधिक साजिश, बलवा,सरकारी कार्य में बाधा सहित तमाम धाराओं में जेलर वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ।
उपद्रवी बंदियों की सीसी कैमरे के जरिये पहचान की जा रही है। जिला जेल चौकाघाट में शुक्रवार सुबह एक बंदी की मौत के बाद गुस्साए बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया था। दो घंटे तक जेल परिसर अशांत रही। बंदियों ने प्रशासनिक कार्यालय, बैरक सहित जेल की एंबुलेंस में तोड़फोड़ की।
तीन बंदी रक्षकों को भी कुछ देर के लिए बंधक बनाए रखा। इस दौरान पगली घंटी बजने के बाद पहुंची 10 थानों की फोर्स व पीएसी ने दोपहर तक स्थिति को नियंत्रित किया। बंदी के आक्रोशित परिजनों ने जेल के मुख्य द्वार पर लापरवाही के विरोध में जमकर नारेबाजी की। डीआईजी जेल, एडीएम सिटी, डीसीपी वरुणा ने घटना की छानबीन की।
सिगरा थाना अंतर्गत छोटी गैबी निवासी राजेश जायसवाल (55 वर्ष) छह माह पूर्व से धोखाधड़ी मामले में जेल में निरुद्ध था। बृहस्पतिवार रात सीने में दर्द होने पर उसे मंडलीय अस्पताल ले जाया गया था और उपचार के बाद पुन: जेल में दाखिल कराया गया।
शुक्रवार तड़के अचानक दोबारा तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही बंदी ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि बीमारी से बंदी की मौत हुई है। कुछ बंदियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की, जिन्हें सीसी कैमरों के जरिए चिह्नित किया जा रहा है।
मजिस्ट्रीयल जांच का आदेश
जिला कारागार में विचाराधीन बंदी राजेश कुमार जायसवाल की मौत की जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच का आदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ को जांच अधिकारी नामित किया है और निर्देश दिया है कि एक महीने में जांच आख्या उपलब्ध कराएं।
पहले भी जेल में 10 घंटे तक चला था बवाल
जिला जेल चौकाघाट में बंदियों के बवाल की यह पहली घटना नहीं है, इसके पूर्व दो अप्रैल 2016 में जेल बेकाबू हुआ था। बंदियों ने एक डिप्टी जेलर की पिटाई के बाद घंटे भर से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा था। पथराव, आगजनी, फायरिंग से जेल की दीवारें दहल उठीं थी।
कई बंदियों और सुरक्षा कर्मियों को चोटें आई थी। उस घटना की भी यादें ताजा हो गईं। इसके पूर्व 2014 में सेंट्रल जेल शिवपुर में बवाल हुआ था और कैदियों ने बंदी रक्षक समेत अन्य कर्मचारियों की बंधक बनाकर पिटाई की थी।