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BHU: दीक्षांत समारोह से पहले हंगामा जारी, केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की

Wed, 19 Oct 2022 06:04 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 19 Oct 2022 06:04 PM IST
सार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 10 दिसंबर को होने वाले 102वें दीक्षांत समारोह से पहले छात्रों का विरोध जारी है। बुधवार को केंद्रीय कार्यालय पर जमकर हंगामा हुआ। 

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Ruckus continues ahead of bhu 102th convocation scuffle between students and security personnel
केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) में 10 दिसंबर को आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल न किए जाने को लेकर छात्रों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों धरना- प्रदर्शन के बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ तो बुधवार को छात्र फिर केंद्रीय कार्यालय में कुलपति से मिलने पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।

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विश्वविद्यालय में इस बार 102वें दीक्षांत समारोह को लेकर जो आदेश जारी किया गया है, उसके अनुसार सत्र 2019-20 और 2020-21 वालों को उपाधि नहीं देने का जिक्र है। केवल पदक पाने वालों को ही बुलाया जाना है। जबकि 2021-22 वाले छात्रों को समारोह में मेडल और डिग्री दिया जाना है।
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छात्रों ने कहा कि एक सप्ताह पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन से गुहार लगाई गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चेतावनी दी कि दीक्षांत समारोह में शामिल किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बारे में पूछे जाने पर चीफ प्रॉक्टर प्रो.अभिमन्यु सिंह ने बताया कि पिछले दिनों ही छात्रों को दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने के बावत बातचीत कर जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बाद भी विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। 

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दीक्षांत समारोह में उपाधि पाना सभी  का सपना

प्रदर्शन कर रहे छात्रों कहना था कि दीक्षांत समारोह में उपाधि पाना सभी छात्र का सपना होता है लेकिन विश्वविद्यालय ने भेदभाव किया है। परंपरा के अनुसार 2019-20 और 2020-21 में पास होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को भी दीक्षांत समारोह के माध्यम से उपाधि दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अगर विश्वविद्यालय ने मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। 
पढ़ें: BHU दीक्षांत समारोह से पहले विरोध में उतरे छात्र, भेदभाव का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी

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