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आरटीई के तहत दाखिला लेने से कतरा रहे निजी स्कूल
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बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद जिले के कई निजी स्कूल निर्धारित सीटों की तुलना में गरीब बच्चों का एडमिशन लेने में आनाकानी कर रहे हैं। जिसको लेकर शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक संगठन और अभिभावकों के प्रतिनिधि मंडल ने बीएसए कार्यालय पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह से शिकायत की और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए मार्च से आवेदन शुरू हुए थे। कोरोना के कारण आरटीई के तहत आवेदन के लिए 4 बार आवेदन प्रक्रिया की तिथि भी बढ़ाई गई। जिले में आरटीई के तहत 13000 से अधिक बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। अब ब्लॉकवार आवंटित स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शिक्षा का अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता के नेतृत्व में अभिभावकों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बीएसए को दिए गए ज्ञापन दर्जनों बच्चों के नाम, स्थायी पता और आवंटित स्कूलों का उल्लेख किया गया है जिनका प्रवेश लेने में निजी विद्यालय आनाकानी कर रहे हैं। राजकुमार गुप्ता ने बताया कि आराजी लाइन क्षेत्र में बच्चों के आवास से 10 से 15 किलोमीटर दूर के स्कूल आवंटित किए जा रहे हैं। जबकि आरटीई के प्रावधान के तहत एक किलोमीटर के अधिक की दूरी नहीं होनी चाहिए। कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिसमें फार्म में भरे गए स्कूल के विकल्प आवंटित नहीं किए गए। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें दो-तीन साल से आवेदन कर रहे अभ्यर्थी को स्कूल आवंटित ही नहीं किया गया। कई आवेदकों को गैर मान्यता प्राप्त स्कूल आवंटित कर दिए गए।
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प्रतिनिधि मंडल में अजय पटेल, राजकुमार गुप्ता, विनय कुमार सिंह, गौतम सिंह, ममता कुमार, बिंदु गुप्ता, सरिता यादव, पूजा, श्याम सुंदर यादव, बाबूलाल पटेल, विजय कुमार यादव, गोविंद यादव, अश्विनी यादव, राजेश पटेल, दशमी पटेल, ननकी देवी, संजय, श्याम सुंदर आदि शामिल थे।
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए मार्च से आवेदन शुरू हुए थे। कोरोना के कारण आरटीई के तहत आवेदन के लिए 4 बार आवेदन प्रक्रिया की तिथि भी बढ़ाई गई। जिले में आरटीई के तहत 13000 से अधिक बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। अब ब्लॉकवार आवंटित स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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शिक्षा का अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता के नेतृत्व में अभिभावकों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बीएसए को दिए गए ज्ञापन दर्जनों बच्चों के नाम, स्थायी पता और आवंटित स्कूलों का उल्लेख किया गया है जिनका प्रवेश लेने में निजी विद्यालय आनाकानी कर रहे हैं। राजकुमार गुप्ता ने बताया कि आराजी लाइन क्षेत्र में बच्चों के आवास से 10 से 15 किलोमीटर दूर के स्कूल आवंटित किए जा रहे हैं। जबकि आरटीई के प्रावधान के तहत एक किलोमीटर के अधिक की दूरी नहीं होनी चाहिए। कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिसमें फार्म में भरे गए स्कूल के विकल्प आवंटित नहीं किए गए। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें दो-तीन साल से आवेदन कर रहे अभ्यर्थी को स्कूल आवंटित ही नहीं किया गया। कई आवेदकों को गैर मान्यता प्राप्त स्कूल आवंटित कर दिए गए।
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प्रतिनिधि मंडल में अजय पटेल, राजकुमार गुप्ता, विनय कुमार सिंह, गौतम सिंह, ममता कुमार, बिंदु गुप्ता, सरिता यादव, पूजा, श्याम सुंदर यादव, बाबूलाल पटेल, विजय कुमार यादव, गोविंद यादव, अश्विनी यादव, राजेश पटेल, दशमी पटेल, ननकी देवी, संजय, श्याम सुंदर आदि शामिल थे।