मोहन भागवत ने हनुमान जी को लगाया 51 मन लड्डू का भोग, मां विंध्यवासिनी दरबार में लगाई हाजिरी
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मां विंध्यवासिनी मंदिर की दक्षिण दिशा में स्थित भाग देवर गांव में परमहंस देवराहा हंस बाबा आश्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार को पहुंचे। उन्होंने आश्रम में हनुमान जी के चरणों में 51 मन लड्डू का भोग लगाया। फिर आश्रम स्थित बाबा के मचान के पास सत्संग में शामिल हुए। लगभग तीन घंटे तक सत्संग के बाद जिला पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया।
इस दौरान हंस बाबा ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना और कैलाश मानसरोवर का भारत में विलय कराना है। उन्होंने सबका साथ सबका विकास का भी संदेश दिया। हंस बाबा ने आंतरिक योग और आंतरिक शक्ति वाले भारत को फिर विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जो भी शिक्षा ले रहे हैं उसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के बीच बांटना है। हंस बाबा ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए एक दर्जन से अधिक चित्र भेंट किए। 1100 झोले में प्रसाद दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक को भी प्रसाद स्वरूप शाल ओढ़ा कर सम्मान किया।
मां विंध्यवासिनी दरबार में लगाई हाजिरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार दोपहर बाद मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाई। वे पुराने वीआईपी मार्ग पर दोपहर 3:15 पर पहुंचे। उसके बाद मां विंध्यवासिनी माता के मंदिर पहुंचे। कतार में खड़े होकर मां विंध्यवासिनी माता के गर्भ गृह में गए।
वाराणसी और विंध्याचल के 11 विद्वानों के मंत्र उच्चारण के बीच मां के चरणों में शीश झुकाया। मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवता के दर्शन पूजन के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की। दर्शन पूजन नगर विधायक एवं वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित रत्नाकर मिश्रा ने कराया। फिर शाम 4:40 पर वाराणसी रवाना हो गए। इस मौके पर चित्रसेन मिश्रा, युवराज पांडेय, भूपत मिश्र, हेमंत अनिल मिश्रा सहित आदि मौजूद रहे।
पंडा समाज ने विंध्य कॉरिडोर का मुद्दा उठाया
श्री विंध्य पंडा समाज की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। इस मौके पर पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानू पाठक, पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक, कोषाध्यक्ष तेजन गिरी आदि रहे। विंध्य जन संघर्ष समिति ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक को पत्रक सौंप कर विंध्य कॉरिडोर का मुद्दा उठाया।
समिति सदस्यों ने कहा कि वर्तमान में यहां की जनता का शोषण किया जा रहा है। यहां की दुकानों और मकानों को तोड़ने की साजिश की जा रही है। राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा था कि किसी के साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं होगी, सबकी सहमति से ही सारा कार्य होगा। किंतु सभी कार्य जोर-जबरदस्ती से हो रहा है। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो रहे हैं।