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दलितों के सच्चे हितैषी थे अंबेडकर
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Sun, 17 May 2015 02:36 AM IST
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वाराणसी। आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुनील देवधर ने कहा कि समाज सुधारकों और दलित समाज पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर को हमेशा याद किया जाएगा। छुआछूत और जातिवाद के द्वंद ने उनके मन को उद्वेलित किया तो उन्होंने दलितों पर अन्याय के खिलाफ संघर्ष तेज कर दिया। वे सच्चे हिंदू थे। शनिवार को ये बातें उन्होंने महात्मा गांधी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन केंद्र में आयोजित सेमिनार में कहीं।
‘राष्ट्रीय एकीकरण में अंबेडकर के विचारों की प्रांसगिकता’ विषय पर देवधर ने बताया कि हैदराबाद के निजाम ने अंबेडकर के सामने धर्म परिवर्तन का प्रस्ताव रखा था। इसके बदले निजाम ने उन्हें प्रलोभन भी दिया था। ईसाइयों ने भी अपना धर्म स्वीकार कराने के लिए उन्हें प्रलोभन दिया लेकिन उन्होंने हिंदू विद्रोहियों के बौद्ध धर्म को स्वीकार किया। इससे उनका हिंदू प्रेम साफ नजर आता है। बतौर मुख्य अतिथि
काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. एसएस कुशवाहा ने कहा कि छुआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाकर समाज में समरसता पैदा करने की अंबेडकर ने पुरजोर कोशिश की थी। अध्यक्षता कर रहे विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि मौजूदा समय में समरसता और समान भागीदारी की अवधारणा अंबेडकर की ही देन है। इस मौके पर इंद्रेश कुमार, अमर नाथ प्रसाद, वाचस्पति मिश्र, पवन कुमार सिंह, संदीप सिंह, राहुल राज समेत तमाम लोग उपस्थित थे।संचालन स्वतंत्र बहादुर सिंह ने किया। इस मौके पर चीफ प्राक्टर डॉ.कल्पलता के अलावा कई शिक्षक और छात्रनेता उपस्थित थे।
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‘राष्ट्रीय एकीकरण में अंबेडकर के विचारों की प्रांसगिकता’ विषय पर देवधर ने बताया कि हैदराबाद के निजाम ने अंबेडकर के सामने धर्म परिवर्तन का प्रस्ताव रखा था। इसके बदले निजाम ने उन्हें प्रलोभन भी दिया था। ईसाइयों ने भी अपना धर्म स्वीकार कराने के लिए उन्हें प्रलोभन दिया लेकिन उन्होंने हिंदू विद्रोहियों के बौद्ध धर्म को स्वीकार किया। इससे उनका हिंदू प्रेम साफ नजर आता है। बतौर मुख्य अतिथि
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काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. एसएस कुशवाहा ने कहा कि छुआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाकर समाज में समरसता पैदा करने की अंबेडकर ने पुरजोर कोशिश की थी। अध्यक्षता कर रहे विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि मौजूदा समय में समरसता और समान भागीदारी की अवधारणा अंबेडकर की ही देन है। इस मौके पर इंद्रेश कुमार, अमर नाथ प्रसाद, वाचस्पति मिश्र, पवन कुमार सिंह, संदीप सिंह, राहुल राज समेत तमाम लोग उपस्थित थे।संचालन स्वतंत्र बहादुर सिंह ने किया। इस मौके पर चीफ प्राक्टर डॉ.कल्पलता के अलावा कई शिक्षक और छात्रनेता उपस्थित थे।
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