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योगी राजः अवैध वसूली के आरोपी आरएस यादव को आकाओं से नहीं मिली पनाह

Sun, 11 Jun 2017 03:34 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 11 Jun 2017 03:34 PM IST
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rs yadav accused  of illegal recovery did not get any help from leaders
होटल में बैठा एआरटीओ आरएस यादव साथ में पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सपा-बसपा सरकार में चांदी काटने वाला चंदौली का एआरटीओ आरएस यादव योगी सरकार में फंस गया। ‌अवैध वसूली के आरोपी यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने आकाओं के पास गया लेकिन कोई मदद नहीं हो पाई। शनिवार दिन में यादव लखनऊ तो गया लेकिन नेताओं और अफसरों में उसकी एक न चली।
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इस बीच, एसपी चंदौली संतोष सिंह ने ऐसा जाल बिछाया कि आरएस यादव के बच निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से गिरफ्तारी की हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने आरएस यादव को सर्विलांस की मदद से ट्रेस करना शुरू कर दिया।
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उसकी लोकेशन लखनऊ में मिली। चंदौली पुलिस लखनऊ जाने की तैयारी कर रही थी कि इसी बीच यादव की लोकेशन रायबरेली में मिली। इससे पता चला कि वह वाराणसी की ओर आ रहा है। बाद में चंदौली पुलिस ने जौनपुर पुलिस से संपर्क कर मछलीशहर में चेकिंग करने को कहा।
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चार गाड़ियों की चेकिंग के बाद पांचवीं गाड़ी आरएस यादव की थी। पुलिस के परिचय पूछने पर आरएस यादव ने रुआब दिखाते हुए खुद को एआरटीओ बताया। पुलिस भी यही चाहती थी। पहचान जानने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

दिन में यादव लखनऊ तो गया लेकिन नेताओं और अफसरों में उसकी एक न चली। 

...तब बच निकला था आरएस यादव

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चंदौली का एआरटीओ आरएस यादव - फोटो : अमर उजाला
सत्ता में मजबूत पकड़ के चलते आरएस यादव कई बार अपने कारनामों को छिपाने में कामयाब रहा।  18 मार्च 2015 को चंदौली के तत्कालीन डीएम और एसडीएम ने एआरटीओ दफ्तर में छापेमारी की थी। दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों को जेल भेजा गया था।

तीनों के  पास करीब 50 हजार रुपये मिले थे जिनका कोई हिसाब नहीं था। कर्मचारियों ने अपने बयान में तत्कालीन एआरटीओ आरएस यादव का नाम नहीं लिया जिससे वह बच गया।

सूत्र बताते हैं कि नाम न लेने के लिए कर्मचारियों को ‘मैनेज’ किया गया था। इस बार आरएस यादव का चालक उनकी गाड़ी से वसूली करते पकड़ा गया है। इस बार भी ‘मैनेज’ करने की पूरी कोशिश हुई पर सत्ता की सख्ती के आगे किसी की एक न चली। 

...अब अपने भी हुए बेगाने

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आरएस यादव - फोटो : अमर उजाला
परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आरएस यादव के खिलाफ हुई कार्रवाई से खासे खुश हैं। इनमें से कई ने प्रवर्तन निदेशालय में आरएस यादव की शिकायत करने वाले पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह को फोन कर बधाई दी और एआरटीओ से जुड़ी कई अन्य जानकारियां भी दीं।

सूत्रों की मानें तो परिवहन विभाग में आरएस यादव का अन्य अधिकारियों से 36 का आंकड़ा है। मनमाफिक जगह पर तैनाती के फेर में और अपने ‘काम’ में बाधा बनने वाले दूसरे अधिकारियों का वे तबादला कराते रहे। यही वजह है कि विभाग के अधिकारी भी उनके साथ नहीं है। 
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