Ropeway Project: वाराणसी में रोपवे के लिए केंद्र सरकार की हरी झंडी, 461 करोड़ रुपये मंजूर, जमीन के लिए अधिसूचना जारी
दुनिया भर से बनारस आने वाले सैलानियों को अब भीड़भाड़ वाले इलाके कैंट स्टेशन से गौदौलिया तक के सफर के लिए रोपवे की सुविधा मिलेगी। 15 जुलाई को रोपवे की निविदा फाइनल होगी।
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वाराणसी में रोपवे निर्माण के लिए केंद्र सरकार की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने 461 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। शनिवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव गिरधर अरमाने ने समीक्षा की। उन्होंने वित्त सहित कई बिंदुओं पर चर्चा के बाद रोपवे के लिए हरी झंडी दी।
कमेटी ने प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण से स्वीकृति के स्तर पर बातचीत की। मंत्रालय के सचिव ने लॉजिस्टिक और मोबलाइजेशन के संबंध में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से पूछा। मंडलायुक्त ने सभी जानकारी दी। कांफ्रेंस में शामिल वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि कुछ शंकाएं लॉजिस्टिक और मोबलाइजेशन को लेकर थीं। जिसका यहां के अधिकारियों ने समाधान किया।
रोपवे में 22 केबल और 30 ट्रॉली होगी
यहां से जो डीपीआर भेजी गई थी, उसके एक-एक बिंदु पर सिलसिलेवार वित्त मंत्रालय के अधिकारियों संग चर्चा हुई। बैठक में वीडीए के सचिव सुनील वर्मा ने कहा कि रोपवे में 22 केबल और 30 ट्राली होगी। 15 जुलाई को रोपवे की निविदा फाइनल होगी।
वीडीए के टाउन प्लानर मनोज कुमार ने बताया कि वहां से स्वीकृति मिलने के बाद योजना तय होकर यहां आ जाएगी। फंड के लिए कमेटी की स्वीकृति मिल गई है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि रोपवे के निर्माण के लिए जहां जरूरत होगी वहां जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। जो अपना काम जल्द शुरू करेगी।
कैंट से गोदौलिया तक होंगे पांच स्टेशन
कैंट से गोदौलिया तक 3.74 किमी का रोपवे निर्माण होगा। रोपवे के लिए पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें कैंट के अलावा काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर, गोदौलिया चौराहा शामिल हैं। इसके लिए 16 हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी। मूलभूत सुविधाओं की शिफ्टिंग के लिए 136 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वीडीए ने बनाया है।
जमीन के लिए अधिसूचना जारी, जल्द होगा अधिग्रहण
जमीन के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। जमीनों का अधिग्रहण जल्द होगा। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। टीम आपत्ति लेगी और सुनवाई कर उसका निबटारा करेगी। इसके पूर्व जमीनों का मूल्यांकन किया जाएगा। कमेटी में डीएम के अलावा वीडीए उपाध्यक्ष, एडीएम फाइनेंस, एडीएम सब रजिस्ट्रार, वीडीए सचिव हैं।