वाराणसी में रोपवे: आसमान में सफर के लिए धरातल पर उतरेगा प्रोजेक्ट, 24 को तय होगी कार्यदायी संस्था
वाराणसी में रोप-वे बनने के बाद सैलानी कैंट रेलवे स्टेशन से गिरिजाघर (गोदौलिया) तक सफर कर सकेंगे। कैंट, साजन तिराहा, सिगरा, रथयात्रा के बाद गिरिजाघर स्टेशन बनेगा।
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दरअसल, वाराणसी में रोपवे की प्री बिड में सात फर्म सामने आई हैं। वहीं चार फर्मों के मालिक ने लिखित रूप से काम करने की इच्छा जताई है। हालांकि किससे काम लिया जाएगा। यह फाइनल बिड में ही स्पष्ट हो पाएगा। प्री-बिड में शामिल ईसीएल मैनेजमेंट एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा, एक्त्रसन इंफ्रा, एजीस इंडिया व कन्वेयर एंड रोप-वे सिस्टम फर्मों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
ड्रीम प्रोजेक्ट का सभी को बेसब्री से इंतजार
इनमें से ईसीएल मैनेजमेंट एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल व पोमा नामक फर्मों ने लिखित रूप से प्रतिभाग करते हुए रोप-वे निर्माण की इच्छा जताई है। यहां बता दें कि काशी के लिए ट्रैफिक संजीवनी कहलाने वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट का सभी को बेसब्री से इंतजार है।
वाराणसी में पीपीपी मॉडल पर रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 410 करोड़ रुपये खर्च आएगा। कैंट स्टेशन से गिरिजाघर चौराहे तक 3.65 किलोमीटर रोप-वे चलेगी और इसके कुल 4 स्टेशन होंगे। वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि 18 दिसंबर को निविदा नहीं खुल पाई थी। अब 24 दिसंबर को फाइनल बिड किया जाएगा। इसके बाद कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया पूरी होगी।
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