Ropeway in Varanasi: गोंडोला पहुंचे...जल्द शुरू होगा संचालन, हर 10 सेकंड पर मिलेगा; जानें अपडेट
Varanasi News: रोपवे का काम काफी हद तक पूरा कर लिया गया है। इसी कड़ी में 148 गोंडोला काशी विद्यापीठ पहुंच चुके हैं। इसको लेकर बनारस के लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
विस्तार
Ropeway in Varanasi: रोपवे के स्टेशनों पर जल्द ही गोंडोला लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। काशी विद्यापीठ स्टेशन पर गोंडोला की पहली खेप पहुंच गई है। इसमें 148 गोंडोला हैं और हर गोंडोला पर 10 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। हर डेढ़ मिनट पर एक गोंडोला गुजरेगा। करीब 150 फीट की ऊंचाई से यह गुजरेगा। महज 15 मिनट में कैंट से गोदौलिया तक का रूट पर्यटक तय कर सकेंगे।
अभी कैंट, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा बनकर तैयार हो गया है। गिरजाघर और गोदौलिया पर काम जारी है। एक घंटे में 600 ट्रॉलियों का संचालन दोनों तरफ से होगा। जिसमें 6000 यात्री सफर करेंगे। कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा का करीब 92 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
वहीं, इन स्टेशनों पर लगाए जा रहे फसाड, इंटीरियर और उपकरणों के इंस्टालेशन का काम भी 98 फीसदी पूरा हो चुका है। मेट्रो और एयरपोर्ट की तर्ज पर रोपवे एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर डिजिटल टिकट ओपनिंग सिस्टम होगा। इसके लिए किसी को टिकट चेक करने की जरूरत नहीं होगी।
कैंट पर छह लिफ्ट और चार एस्केलेटर लगाए जाएंगे। यहां एक टिकट काउंटर और तीन वेंडिंग मशीन लगेगी। विद्यापीठ पर चार लिफ्ट और चार एस्केलेटर के साथ एक टिकट काउंटर पर एक वेंडिंग मशीन की सुविधा होगी। रथयात्रा पर चार लिफ्ट, पांच एस्केलेटर, तीन टिकट काउंटर और पांच वेंडिंग मशीन की सुविधा होगी।
रोपवे से जुड़े अफसरों के मुताबिक आंधी, बरसात और कोहरा भी गंडोला की गति को रोक नहीं पाएंगे। 60 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चल रही हवा में भी गंडोला सुरक्षित तरीके से चलता रहेगा। इससे तेज चलने वाली आंधी में सेंसर अलर्ट कर देगा। ऐसे समय में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए गंडोला को गैरेज में पार्क कर दिया जाएगा।
रोपवे की अत्याधुनिक तकनीक के चलते ठंड के दिनों में कोहरे और बारिश में भी रोपवे चल सकेगा। बिजली जाने पर खास तरह की बैकअप व्यवस्था रहेगी। वहीं, गंडोला के अंदर जलने वाली लाइटों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। सभी गंडोले सौर ऊर्जा से लैस रहेंगे।
किराया अभी तय नहीं, जल्द लगेगी मुहर
रोपवे का किराया अब तक नहीं हो सका है, लेकिन जल्द ही इस पर मुहर लग जाएगी। एक अफसर के मुताबिक यह प्रधानमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, इसीलिए किराया बहुत न्यूनतम रखा जाएगा। ऑटो के बराबर किराया रखने की उम्मीद है।
पहले फेज का रोपवे प्रोजेक्ट
- स्टेशन : कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर व गोदौलिया
- तकनीक : मोनो-केबल डिटैचेबल
- 3.85 किलोमीटर लंबाई
- 5 रोपवे स्टेशन
- 15 वर्ष देखरेख अवधि
- 3,000 यात्री प्रतिदिन की क्षमता
- 16 मिनट में पूरी होगी यात्रा
- 29 टावर लगाए जाएंगे
- पहले फेज का कहां तक पहुंचा काम
- 16 मई 2023 को काम शुरू हुआ
- कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा स्टेशन का काम लगभग पूरा
- गिरजाघर, गोदौलिया पर पिलर का चल रहा काम
- 30 सितंबर 2025 को कार्य पूर्णता अवधि