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Varanasi: आधुनिक तकनीक से लैस रोप-वे का गोंडोला पहुंचा बनारस, स्विट्जरलैंड की कंपनी ने किया है डिजाइन
Thu, 08 Feb 2024 12:24 AM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 08 Feb 2024 12:24 AM IST
सार
कैंट, काशी विद्यापीठ और गोदौलिया में रोप-वे स्टेशन से जुड़े निर्माण कराए जा रहे हैं। स्विट्जरलैंड में डिजाइन इस गोंडोला को रोप-वे में लगाने से पूर्व सिगरा के समीप शहर के साजन तिराहे पर लोगों को देखने के लिए रखा जाएगा।
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वाराणसी में निर्माणाधीन रोप-वे का गोंडोला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी में निर्माणाधीन रोप-वे का गोंडोला बनारस पहुंच गया है। स्विट्जरलैंड में डिजाइन इस गोंडोला को रोप-वे में लगाने से पूर्व सिगरा के समीप शहर के साजन तिराहे पर लोगों को देखने के लिए रखा जाएगा। ताकि रोप-वे में यात्रा शुरू होने से पूर्व शहरवासियों को पता चल सके कि उन्हें कैसे दिखने वाले गोंडोला में बैठने का अवसर मिलेगा। वाराणसी में रोप-वे निर्माण के कार्यों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कैंट, काशी विद्यापीठ और गोदौलिया में रोप-वे स्टेशन से जुड़े निर्माण कराए जा रहे हैं। पहले चरण का काम मार्च 2025 तक पूरा किया जाना है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन के मद्देनजर रोप-वे के कार्य को युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने कहा कि गोंडोला को जब तक रोप-वे में नहीं लगाया जाता तब तक उसे शहर के साजन तिराहे पर लोगों को देखने के लिए रखवाया जाएगा।
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गौरतलब है कि रोप-वे पर सफर के दौरान तेज धूप का असर गोंडोला पर न के बराबर होगा। इसकी डिजाइन में वेंटिलेशन का खास ख्याल रखा गया है। रोपवे बनने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन से विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट जाना आसान हो जाएगा। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
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