लुटेरे दरोगा की 'क्राइम कुंडली': 44 सीसी कैमरों की फुटेज, 4500 नंबरों की कॉल डिटेल से हुआ खुलासा; ये है मामला
वाराणसी में 42.50 लाख रुपये की लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी दरोगा समेत तीन को अरेस्ट किया है। 20 लाख रुपये के लिए दरोगा ने साथियों संग मिलकर फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया था।
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20 लाख के लिए दरोगा ने साथियों के साथ चौक के सराफा व्यवसायी के दो कर्मचारियों से 42.50 लाख रुपये लूटे थे। 20 लाख रुपये दरोगा ने रखे और बाकी साथियों में बांट दिए। नदेसर चौकी इंचार्ज समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को रामनगर बंदरगाह के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूट के 8.05 लाख, दो पिस्टल और दो कारतूस, लूट में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई।
दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। एसओजी टीम ने 4500 नंबरों की कॉल डिटेल और 45 सीसी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मामले का खुलासा किया। डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल और एडीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि आरोपियों की पहचान नदेसर चौकी इंचार्ज सूर्य प्रकाश पांडेय, चोलापुर थाना क्षेत्र के आयर बाजार के अहिरौली के विकास मिश्रा और आयर बाजार निवासी अजय गुप्ता के रूप में हुई है।
वांछित अन्य तीन आरोपियों मुकेश दुबे उर्फ हनी, निलेश यादव और योगेश पाठक उर्फ सोनू की गिरफ्तारी के लिए एसओजी टीम दबिश दे रही है। निलेश बड़ागांव ब्लॉक का बीडीसी है। एडीसीपी क्राइम वरुणा जोन सरवणन टी. के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी मनीष कुमार मिश्रा की टीम लगाई गई थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के शुक्ला मार्केट सलोरी निवासी सूर्य प्रकाश पांडेय की पहली पोस्टिंग बड़ागांव थाने में हुई थी। यही पर विकास मिश्रा और अजय गुप्ता से उसकी मुलाकात हुई थी। विकास पहले चौक के सुड़िया सराफा मंडी में काम करता था। उसे पता था कि मंडी में हवाला का कारोबार होता है। इसकी जानकारी उसने सूर्य प्रकाश पांडेय, अजय गुप्ता समेत अन्य साथियों को दी थी।
सूर्य प्रकाश पांडेय के नदेसर चौकी प्रभारी बनने के बाद विकास मिश्रा, अजय गुप्ता ने रकम लूटने की योजना बनाई। विकास का सराफा मंडी के बड़े फर्म के कर्मचारियों के साथ उठना बैठना शुरू हो गया। पता लगाया कि हवाला की रकम किस फर्म से सबसे अधिक निकलती है। 22 जून को उसे पता चला कि सराफा व्यवसायी जयपाल के दो कर्मचारी अविनाश और धनंजय 93 लाख नकद लेकर भुल्लनपुर से बस से कोलकाता जा रहे हैं।
सूचना पर विकास मिश्रा ने अजय को पिस्टल देकर बस में बिठाया। रात 11 बजे रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ के पास पहुंचते विकास ने बस रुकवाई। वर्दी में सूर्यप्रकाश पांडेय, विकास मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति बस में सवार हुए और खुद को सैयदराजा थाने की क्राइम ब्रांच का अफसर बताते हुए अविनाश व धनंजय को बस से नीचे उतार लिया।
बैग से रकम बरामद होने पर दोनों को चेकिंग और गिरफ्तारी की धमकी देकर विना नंबर की चार पहिया कार में बिठाया। एक बैग से 42.50 लाख रुपये लेकर 50 लाख 50 हजार छोड़ दिए। इसके बाद दोनों को गुमराह करने के लिए अविनाश को रामनगर के पास चंदरखा और धनंजय को कटरिया बॉर्डर पर छोड़ा।