Varanasi News: गोलादीनानाथ में सड़क 18 फीट की, चलने के लिए बचती है 7 फीट; मूलभूत सुविधाओं की है दरकार
पूर्वांचल की सबसे बड़ी मसाला मंडी गोला दीनानाथ में लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 18 फीट मार्ग होने के बावजूद यहां हर वक्त जाम जैसा माहाैल रहा है। यहां के व्यापारी भी इस समस्या से परेशान रहते हैं।
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मेवा एवं मसालों की पूर्वांचल की सबसे बड़ी गोला दीनानाथ की मंडी में मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। प्राकृतिक औषधियों की थोक और फुटकर बिक्री के सबसे बड़े केंद्र में पार्किंग और शौचालय की कमी से व्यापारी और ग्राहक परेशान हैं। सबसे बड़ी समस्या पार्किंग को लेकर है। व्यापारियों के माल आवाजाही की सबसे बड़ी समस्या है।
गोलादीनानाथ की मंडी में प्रवेश और निकास के छह रास्ते हैं। दो रास्ते 15 से 18 फीट चौड़े हैं लेकिन उन रास्तों के दोनों ओर दुकानें, दुकानों के आगे बेंच, बाइक होने से चौड़ाई 5-7 फीट पर आकर सिमट गई है। उसी के बीच से होकर फुटकर और थोक ग्राहक मंडी में अंदर आते हैं।
ट्रांसपोर्ट से ऑटो या ट्राली के जरिये माल आता है, ट्रांसपोर्ट तक भेजा भी जाता है। उस दौरान अक्सर जाम लगता है। जाम के चलते बाहर के अनेक व्यापारियों ने विश्वेश्वरगंज और कतुआपुरा की ओर रुख कर लिया है। यहां का व्यापार प्रभावित हो रहा है। मेवा एवं मसालों की 225 दुकानों के आलावा 30 दुकानें जड़ी-बूटी की भी हैं।
सुनें इनकी
मंडी के आसपास मल्टी स्टोरी पार्किंग बहुत जरूरी है। मैदागिन-गोदौलिया रोड पर ट्रैफिक प्रतिबंध के कारण ऑटो, ई-रिक्शा और बाइक चालक जालपा, काशीपुरा और गोला के ही रास्ते आते-जाते हैं। इससे भी जाम लग रहा है। - दुर्गा प्रसाद, अध्यक्ष, काशी किराना व्यापार मंडल
कबीरचौरा अस्पताल के सामने प्रशासन ने मालवाहकों के ठहराव के लिए मार्किंग तो की है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस कभी वहां वाहन खड़े नहीं होने देती। ट्राली तक का चालान हो जाता है। इस समस्या से निजात के लिए पार्किंग की व्यबस्था बहुत जरूरी है। - कैलाश केशरी, कोषाध्यक्ष, काशी किराना मंडल
कबीरचौरा अस्पताल की पार्किंग दोपहर दो बजे तक ही व्यस्त रहती है। व्यापारिक गतिविधियां दो बजे पीक पर पहुंचती हैं। उस स्थिति में अस्पताल की पार्किंग की सुविधा मिलने लगे तो मंडी के कारोबार में 50 प्रतिशत तक इजाफा हो जाएगा। - संजय केशरी, महामंत्री, काशी किराना व्यापार मंडल
मंडी में रोजाना 1500 से 2000 ग्राहक आवाजाही करते हैं। पुरुष और महिलाएं भी आती हैं। कहीं भी शौचालय नहीं है। इससे ग्राहकों के साथ ही व्यापारियों को परेशानी होती है। - अंकित बरनवाल, व्यापारी, गोला दीनानाथ