BHU: बीएचयू में एमसीएच विंग के सामने उखाड़ दी सड़क, गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी
Varanasi News: बीएचयू के एमसीएच विंग के सामने सड़क उखाड़ दिया गया है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को ओपीडी से लेकर यहां चलने वाली इमरजेंसी तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।
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विस्तार
आईएमएस बीएचयू के एमसीएच विंग जाने वाली मुख्य सड़क को उखाड़ दिया गया है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को ओपीडी से लेकर यहां चलने वाली इमरजेंसी तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। एक ओर बाहर सड़क उखड़ी है, दूसरे अंदर ओपीडी में केवल 200 महिलाओं को देखने की वजह से कई महिलाओं को बिना इलाज ही लौटना पड़ रहा है। 200 मरीजों की ओपीडी वाली व्यवस्था पहले पहले दो महीने (सितंबर-अक्तूबर) तक थी लेकिन अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाई है।
एमएस ऑफिस के ठीक बगल से जो रास्ता एमसीएच विंग जाता है, उसके गेट पर ताला बंद है। दूसरे ऑक्सीजन प्लांट के बगल वाले गेट से अगर किसी गर्भवती महिला को लेकर कोई एमसीएच विंग की इमरजेंसी, ओपीडी तक जाना चाहता है तो टेलीमेडिसिन सेंटर के पास से ही सड़क को उखाड़ दिया गया है। शनिवार को दोपहर में गर्भवती महिलाएं परिजन के साथ किसी तरह किनारे से धीरे धीरे पैदल जाकर अंदर पहुंची।
केस-1
सासाराम निवासी प्रकाश अपनी बुआ रिंकू को लेकर एमसीएच विंग में तीन दिन पहले आए। यहां दोपहर 12 बजे आए तो पता चला कि केवल 200 महिलाओं का ही पंजीकरण एक दिन में हो रहा है। प्रकाश ने बताया कि दो दिन लगातार आने के बाद किसी तरह पंजीकरण हुआ, तब जाकर बुआ को दिखा सके।
केस-2
एमसीएच विंग में 10 दिसंबर को बिहार निवासी बबीता को लेकर परिजन डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। मरीज को गैस्ट्रोलॉजी विभाग से रेफर किया गया था। परिजनों ने ओपीडी गेट पर बैठे सुरक्षा कर्मी से डाक्टर को दिखाने जाने की बात कही तो वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी ने इस समय 200 मरीजों के पंजीकरण की जानकारी दी।
क्या बोले अधिकारी
स्त्री रोग विभाग में इस समय जूनियर/सीनियर रेजिडेंट की कमी है। इस वजह से हीं एक दिन में 200 मरीजों को देखने की व्यवस्था की गई है। एमसीएच विंग जाने वाली सड़क क्यों उखाड़ा गया है, इस बारे में एमएस ऑफिस से जानकारी लेकर यह सुनिश्चित करवाया जाएगा कि महिलाओं को आने जाने में कोई परेशानी न हो। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस