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रिसर्च में बड़ा दावा: शाकाहारियों में तेजी से बढ़ा प्रोस्टेट कैंसर, पांच साल बाद घर बैठे कर सकेंगे जांच

Sun, 12 Mar 2023 04:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 12 Mar 2023 04:51 PM IST
सार

केरला के अमृता स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रमुख वैज्ञानिक प्रो. प्रशाथ सुरवाझाला बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि शाकाहारियों में प्रोस्टेट कैंसर की समस्या तेजी से बढ़ी है।

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Research Claims that Prostate cancer increased rapidly in vegetarians
प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को समझिए - फोटो : istock

विस्तार

केरला के अमृता स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रमुख वैज्ञानिक प्रो. प्रशाथ सुरवाझाला ने बताया कि शाकाहारियों में प्रोस्टेट कैंसर की समस्या तेजी से बढ़ी है। बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए प्रो. सुरवाझाला ने कहा कि शाकाहारी लोगों में प्रोस्टेट कैंसर के लिए 80 सैंपल लिए गए थे। इसमें 95 फीसदी लोगों में प्रोस्टेट कैंसर मिले हैं। कैंसर जेनेटिकल भी हो सकता है।

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मां को अगर ब्रेस्ट कैंसर है तो यह बच्चे को भी हो सकता है। पिता में है तो अगली पीढ़ी में जर्म लाइन के जरिये संचारित हो सकता है। इस जीन की पहचान हो चुकी है। भारत में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास 10 हजार साल पुराना है। इसमें म्युटेशन भी हो रहे हैं।

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प्रोस्टेट कैंसर किट से होगी जांच

52 साल की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट की शिकायतें मिलती हैं। शर्म और झिझक के कारण लोग इसके बारे में बात नहीं करते और समय से जांच नहीं कराते हैं। प्रयास चल रहे हैं कि लोग घर बैठे ही अपने यूरिन के जरिये प्रोस्टेट कैंसर की जांच कर सकें।

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Research Claims that Prostate cancer increased rapidly in vegetarians
प्रोस्टेट कैंसर - फोटो : istock

गर्भधारण जांच किट की तरह ही प्रोस्टेट कैंसर जांच किट तैयार करने की दिशा में काम चल रहा है। संभावना है कि 2028 तक यह किट आम जन के लिए बाजार में उपलब्ध होगी। इसके लिए लोग मूत्र की जांच करके प्रोस्टेट कैंसर के बारे में पता लगा सकेंगे और समय से उनको इलाज मिल सकेगा।
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क्यों होता है प्रोस्टेट कैंसर

प्रो. प्रशाथ ने बताया कि भारत को विश्व में मोटापे की राजधानी कहा जाता है। प्रोस्टेट कैंसर के लिए खराब जीवनशैली और दिनचर्या भी काफी हद तक जिम्मेदार है। कभी रात में 12 बजे खाते हैं और लंच भी समय से नहीं करते हैं। क्या खा रहे हैं और कैसे खा रहे हैं, यह भी बहुत जरूरी है। भोजन से पहले फल या सलाद का सेवन जरूरी है। इसमें एंटी आक्सीडेंट होते हैं, जो आपकी भूख को बढ़ाते हैं और पेट को खाली कर देते हैं।

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