Varanasi: अस्पताल में 30 रुपये ओपीडी की फीस, 50 रुपये कार और मोटर साइकिल स्टैंड का किराया
वाराणसी में भदैनी शिवाला स्थित माता आनंदमयी अस्पताल में ओपीडी के साथ ही मरीजों के भर्ती और जांच, इलाज, ऑपरेशन सहित अन्य सुविधाएं मिलती हैं। 30 रुपये ओपीडी की फीस है जबकि वाहन खड़ी करने के लिए ही 50 रुपये स्टैंड का किराया लगता है।
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वाराणसी में अगर आप किसी मरीज को दिखाने कार या मोटर साइकल से अस्पताल में जा रहे हैं तो आपके लिए यह खबर अधिक महत्वपूर्ण है। जिले में सरकारी अस्पतालों में तो इसके लिए आपको कोई स्टैंड किराया नहीं देना होगा लेकिन अगर माता आनंदमयी अस्पताल में ओपीडी में दिखाने जाना हो तो यहां आपको ओपीडी की फीस से अधिक खर्च अपनी कार को अस्पताल परिसर में खड़ी करने के लिए देना होगा।
अस्पताल में 30 रुपये ओपीडी की फीस है जबकि वाहन खड़ी करने के लिए ही 50 रुपये स्टैंड का किराया लगता है। शहर में भदैनी शिवाला स्थित माता आनंदमयी अस्पताल में ओपीडी के साथ ही मरीजों के भर्ती और जांच, इलाज, ऑपरेशन सहित अन्य सुविधाएं मिलती है। यहां गेट से प्रवेश करने पर ओपीडी काउंटर पर 30 रुपये का पर्चा बनता है। इसके बाद आप संबंधित चिकित्सक को दिखवाने जाएंगे।
अगर आप वाहन लेकर गेट के अंदर प्रवेश कर गए तो वहां मौजूद साइकल स्टैंड का कर्मचारी पहले गाड़ी खड़ी करने को मना करता है। बाद में 50 रुपये लेकर एक पर्चा देता है। एक तो लोगों को ओपीडी से अधिक गाड़ी का किराया देना होता है, दूसरे जो पर्ची लोगों को मिलती है, वह भी केवल 3 घंटे के लिए होता है। मजे की बात तो यह है कि इस पर्ची पर लिखा है कि वाहन की जिम्मेदारी प्रबंधक की नहीं होगी।
बीएचयू में डॉक्टरों की गाड़ियों की जगह चला रहे स्टैंड
बीएचयू अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में आप यूरोलॉजी, इंड्रोक्राइनोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने जाते हैं या किसी भर्ती मरीज को देखने कार से जाते हैं तो आपको इसके लिए 30 रुपये साइकल स्टैंड का किराया देना पड़ेगा। यहां मजे की बात यह है कि जिस जगह पर लोगों के कार खड़ी करवाकर उनको स्टैंड संचालक की ओर से मौजूद कर्मचारी की ओर से पर्चा दिया जाता है, वह जगह डॉक्टरों के लिए आरक्षित है।
दीवारों पर डॉक्टरों का नाम भी लिखा है, यानी कि नाम के आगे उनकी गाड़ियां खड़ी होंगी। अब डॉक्टर भी जिसको सड़क पर जहां जगह मिलता है, वहां गाड़ियां लगाता है। इस पर किसी का ध्यान न जाने की वजह से जहां तहां स्टैंड चल रहा है।