बनारस घराने के सुप्रसिद्ध गायक पद्मभूषण पंडित राजन मिश्र का कोरोना से निधन, काशी में शोक की लहर
प्रधानमंत्री बोले, राजन मिश्र का जाना कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति
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बनारस घराने के सुप्रसिद्ध गायक पद्मभूषण पंडित राजन मिश्र (70) का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के अस्पताल में अंतिम सांस ली। कोरोना संक्रमित राजन मिश्र को रविवार को हृदयाघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लता मंगेशकर, समेत तमाम हस्तियों ने दुख और शोक जताया है।
पंडित राजन मिश्र कुछ समय पहले संक्रमित हो गए थे। भांजे अमित मिश्र के मुताबिक रविवार को हृदयाघात के बाद आननफानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की सूचना मिलते ही बनारस के संगीत घराने में शोक की लहर दौड़ गई। छोटे भाई साजन मिश्र के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अन्य गायक व संगीतकार भी बेहद भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि वाराणसी की पहचान आज जहां में विलीन हो गई। परिजनों ने बताया कि गंभीर हालत की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार उनके संपर्क में था। उन्हें एम्स शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी।
शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पंडित राजन मिश्र के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। बनारस घराने से जुड़े राजन मिश्र का जाना कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
पद्म विभूषण पंडित राजन मिश्र के निधन से वाराणसी के व्यापारियों और उद्यमियों में शोक की लहर है। रविवार महानगर उद्योग व्यापार समिति ने दो मिनट का मौन रखकर पद्मभूषण राजन मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समिति के मुख्य संरक्षक आरके चौधरी ने कहा कि देश के सपूत और काशी की शान पद्म विभूषण पंडित राजन मिश्र की कमी हमेशा खलेगी। शोक सभा में संरक्षक श्रीनारायण खेमका, प्रेम मिश्रा, अशोक जायसवाल, सोमनाथ विश्वकर्मा, डॉ अंजनी मिश्रा, राजेश भाटिया, अजय गुप्ता, राहुल मेहता, संजय साहू ,रजनीश कनौजिया, मनीष चौबे, सुजीत गुप्ता आदि रहे। वहीं, बनारस इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने भी दुख जताते हुए इसे काशी की अपूरणीय क्षति बताया।