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मरीजों को राहत: 24 घंटे में ही खुल गया आईएमए ब्लड बैंक, डीएम के निर्देश पर जनहित में औषधि विभाग ने दी सहूलियत

Sat, 31 Jul 2021 11:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 31 Jul 2021 11:25 PM IST
सार

खून की तस्करी मामले में औषधि विभाग की टीम के छापे के विरोध में आईएमए (वाराणसी शाखा) ने शुक्रवार को ब्लड बैंक बंद कर दिया था। 

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Relief to patients after IMA blood bank varanasi opened in 24 hours who close for protest  Department of Medicine gave convenience in public interest
आईएमए ब्लड बैंक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंदौली के बबुरी मोड़ के पास पांच दिन पहले खून तस्करी के खुलासे में आईएमए कर्मचारी का नाम सामने आने, औषधि विभाग की टीम के छापे के विरोध में आईएमए (वाराणसी शाखा)  ने शुक्रवार को ब्लड बैंक बंद कर दिया था, लेकिन 24 घंटे में ही बैंक खुल गया। खून और प्लेटलेट्स के लिए परेशान हो रहे मरीजों और परिजनों को बड़ी राहत मिली।

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आईएमए ने औषधि विभाग की ओर से ब्लड बैंक खोलने का पत्र भेजे जाने की बात कही है। वहीं, औषधि निरीक्षक का कहना है कि जांच अभी जारी रहेेगी।  आईएमए कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक के बाद पदाधिकारियों ने औषधि विभाग की जांच पूरी होने तक ब्लड बैंक को बंद करने का निर्णय लिया था। सभी ने इस कार्रवाई को एकतरफ बताया था।
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उधर, बृहस्पतिवार शाम जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने औषधि विभाग को 24 घंटे के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बंद ब्लड बैंक 24 घंटे के बाद शनिवार दोपहर करीब सवा बारह बजे शुरू हो गया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंह, सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि डीएम के निर्देश पर औषधि विभाग की ओर से ब्लड बैंक को संचालित करने का पत्र भेजा गया है, जिसके बाद संचालन शुरू कर दिया। 

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आईएमए से जुड़े कर्मचारी आनंद सिंह का नाम खून की तस्करी में शामिल होने की सूचना के बाद से आईएमए प्रशासन सतर्क हो गया है। अब तक यहां ब्लड, प्लेटलेट्स का तो रिकॉर्ड कंप्यूटर और कागजात में दर्ज होता था, लेकिन प्लाज्मा का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि इन प्लाज्मा को एक मुश्त एक कंपनी को हर महीने दे दिया जाता है। अब ब्लड बैंक से कितना प्लाज्मा महीने में दिया गया है, इसका पूरा ब्योरा दर्ज होगा। ताकि प्लाज्मा बैग के बारे में जानकारी मिल सके। 

आईएमए और औषधि विभाग में बढ़ती जा रही रार

ब्लड बैंक से बिना कागजात ब्लड बेचे जाने की रिपोर्ट के बाद आईएमए और औषधि विभाग में रार बढ़ती जा रही है। औषधि निरीक्षक सुभाष दूबे का कहना है कि जो अनियमितताएं मिली हैं, उसकी जांच तो जारी रहेगी। जनहित को देख फिलहाल ब्लड बैंक संचालन का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

कर्मचारियों की गतिविधि पर रहेगी विशेष नजर  
आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंह, सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि जांच में सहयोग किया जा रहा है। तस्करी में जिस कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है, उसे 16 जुलाई को ही बर्खास्त किया जा चुका है। बाकी दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए अभी सेवा देने से मना किया गया है।

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनसे सेवा लेने पर फैसला होगा। बताया कि कर्मचारियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी की नियमित निगरानी के साथ ही समय-समय पर ब्लड बैंक प्रभारी से भी बातचीत कर फीडबैक लिया जाएगा। 
 
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