भदोही : सामूहिक दुष्कर्म मामले में भाजपा विधायक को राहत, प्रोटेस्ट आवेदन निरस्त
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भदोही के भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी सहित छह लोगों को कोर्ट से राहत मिली है। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीड़िता के प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। पीड़िता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस के फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करने की मांग की थी।
वाराणसी की एक महिला ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, उनके भतीजे संदीप त्रिपाठी सहित आठ लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म करने और गर्भपात कराने का आरोप लगाया था। मामले में भदोही कोतवाली में सभी आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने विवेचना में भदोही विधायक सहित छह लोगों को क्लीन चिट देकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि मुख्य आरोपित संदीप त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक अन्य के खिलाफ मारपीट के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी।
पीड़िता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए विधायक सहित अन्य को तलब करने की मांग की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद पर्याप्त आधार न मिलने पर अदालत ने पीड़िता के प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
हालांकि आरोपी संदीप तिवारी को तीन जुलाई को तलब किया है। पीड़िता ने कहा कि न्याय का दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है। वह न्याय के लिए सेशन कोर्ट और जरूरत पड़ेगी तो हाईकोर्ट तक जाएगी।