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राजभवन पहुंचकर कुलपति ने दिया परीक्षा की तैयारियों का फीडबैक
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने मंगलवार को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल से मुलाकात कर परीक्षा की तैयारियों सहित अन्य कार्यों से जुड़ी तैयारियों का फीडबैक दिया। इस दौरान विद्यापरिषद, कार्यपरिषद की आगामी दिनों में होने वाली बैठक की जानकारी भी कुलपति ने कुलाधिपति को दी।
कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा की। इसमें नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में लगातार अध्ययन बोर्ड की बैठक, 23 जुलाई तक संकाय बोर्ड के बैठकों, 26 जुलाई को विद्यापरिषद तथा 28 जुलाई को कार्यपरिषद की बैठक कर इससे संबंधित तैयारी व प्रगति से अवगत कराया गया। कुलाधिपति ने प्राच्य विद्या के माध्यम से संपूर्ण देश को एक सकारात्मक मार्ग तैयार करने और स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम (विभिन्न तरह)तैयार कर संचालित करने की योजना को शीघ्र क्त्रिस्यान्वयन करने का निर्देश दिया। कुलपति ने बताया कि समीक्षा में कुलाधिपति को शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष नियमानुसार शीघ्र विज्ञापन कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
कुलाधिपति ने कहा कि प्राच्य विद्या संस्कृत के उत्थान में जो भी समस्याएं आती हैं, उन्हें समय-समय पर अवगत कराते रहें और उनके निराकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के उत्थान से संबंधित जो भी योजना केंद्र सरकार को प्रेषित करना है उसे वाराणसी में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रेषित करने को कहा है।
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कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा की। इसमें नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में लगातार अध्ययन बोर्ड की बैठक, 23 जुलाई तक संकाय बोर्ड के बैठकों, 26 जुलाई को विद्यापरिषद तथा 28 जुलाई को कार्यपरिषद की बैठक कर इससे संबंधित तैयारी व प्रगति से अवगत कराया गया। कुलाधिपति ने प्राच्य विद्या के माध्यम से संपूर्ण देश को एक सकारात्मक मार्ग तैयार करने और स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम (विभिन्न तरह)तैयार कर संचालित करने की योजना को शीघ्र क्त्रिस्यान्वयन करने का निर्देश दिया। कुलपति ने बताया कि समीक्षा में कुलाधिपति को शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष नियमानुसार शीघ्र विज्ञापन कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
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कुलाधिपति ने कहा कि प्राच्य विद्या संस्कृत के उत्थान में जो भी समस्याएं आती हैं, उन्हें समय-समय पर अवगत कराते रहें और उनके निराकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के उत्थान से संबंधित जो भी योजना केंद्र सरकार को प्रेषित करना है उसे वाराणसी में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रेषित करने को कहा है।
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