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RBI के केंद्रीय निदेशक ने बताया, भारतीय अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी-जीएसटी का क्या रहा असर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 08 Oct 2017 03:56 PM IST
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक
- फोटो : अमर उजाला
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने का भारतीय अर्थव्यवस्था पर फिलहाल विपरीत असर पड़ा है। हालांकि वैश्विक परिदृश्य में यह सकारात्मक पहल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि तात्कालिक रूप में इससे आम लोगों को समस्या हो रही है लेकिन आने वाले दिनों में इन फैसलों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए कार्निक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से रोजगार में भी कमी आई है। यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में जो समस्याएं हैं, उसकी वजह सिस्टम में खामियां भी हैं। सत्यम कंप्यूटर घोटाले की चर्चा करते हुए कार्निक ने कहा कि इस प्रकरण में सरकार के हस्तक्षेप की सबसे बड़ी वजह उसमें कार्य करने वाले 50 हजार लोगों के भविष्य की चिंता थी।
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उन्हें रोजगार देना बहुत जरूरी था, इसीलिए घोटाले को देखते हुए निदेशक मंडल की बैठक कर कई नए नियम बनाए और जिम्मेदारियां तय की गईं।
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उन्होंने कहा कि तात्कालिक रूप में इससे आम लोगों को समस्या हो रही है लेकिन आने वाले दिनों में इन फैसलों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए कार्निक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से रोजगार में भी कमी आई है। यह चिंता का विषय है।
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उन्होंने कहा कि जीएसटी में जो समस्याएं हैं, उसकी वजह सिस्टम में खामियां भी हैं। सत्यम कंप्यूटर घोटाले की चर्चा करते हुए कार्निक ने कहा कि इस प्रकरण में सरकार के हस्तक्षेप की सबसे बड़ी वजह उसमें कार्य करने वाले 50 हजार लोगों के भविष्य की चिंता थी।
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उन्हें रोजगार देना बहुत जरूरी था, इसीलिए घोटाले को देखते हुए निदेशक मंडल की बैठक कर कई नए नियम बनाए और जिम्मेदारियां तय की गईं।
कहा- देश की प्रगति के लिए नई खोज करें युवा
आरबीआई के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक
- फोटो : अमर उजाला
आरबीआई के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक ने युवाओं से तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने नव प्रवर्तन की दिशा में बढ़ने पर जोर दिया। कहा कि देश को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए तकनीकी विकास के लिए नई खोज करने का गुरुतर दायित्व युवाओं को ही निभाना होगा।
वे शनिवार को स्वतंत्रता भवन में आयोजित आईआईटी बीएचयू के छठे दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्निक ने कहा कि वर्तमान दौर में जिस तरह तकनीक के क्षेत्र में नई-नई खोज हो रही है। ऐसे में भावी इंजीनियरों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
एक इंजीनियर की सोच हमेशा तार्किक और समाज के लिए उपयोगी होनी चाहिए। 21वीं सदी में तकनीकी विकास के साथ-साथ नव प्रवर्तन से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।
वे शनिवार को स्वतंत्रता भवन में आयोजित आईआईटी बीएचयू के छठे दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्निक ने कहा कि वर्तमान दौर में जिस तरह तकनीक के क्षेत्र में नई-नई खोज हो रही है। ऐसे में भावी इंजीनियरों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
एक इंजीनियर की सोच हमेशा तार्किक और समाज के लिए उपयोगी होनी चाहिए। 21वीं सदी में तकनीकी विकास के साथ-साथ नव प्रवर्तन से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।