फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Rangbhari ekadashi varanasi Colors of Braj will dissolve in the Holi of Chita Bhasma

रंगभरी एकादशी कल: बनारस में 15 को चिता भस्म की होली, 51 वाद्ययंत्रों से होगी महाश्मशान नाथ की आरती

Sun, 13 Mar 2022 03:36 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 13 Mar 2022 03:36 PM IST
सार

महाश्मशाननाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि फाल्गुल शुक्ल द्वादशी को महाश्मशान पर चिता भस्म के साथ होली खेली जाती है। शिवपुराण और दुर्गा सप्तशती में भी चिता भस्म की होली का उल्लेख मिलता है।
 

विज्ञापन
Rangbhari ekadashi varanasi Colors of Braj will dissolve in the Holi of Chita Bhasma
रंगभरी एकादशी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रंगभरी एकादशी पर काशीवासियों के साथ रंगभरी होली खेलने के बाद दूसरे दिन भगवान शिव अपने गणों के संग महाश्मशान में चिता भस्म से होली खेलते हैं। इस बार मसान की होली में ब्रज और द्वारिका के रंग भी घुलेंगे। रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन महाश्मशान पर होने वाली चिता भस्म की होली इस साल 15 मार्च को और भव्य रूप में मनाई जाएगी।

विज्ञापन


अपराह्नन 11:30 बजे से प्रारंभ होकर 12 बजे आरती के साथ ही मसाने की होली शुरू होगी। द्वारिका से आए संदेश के चलते इस वर्ष श्री कृष्ण के पसंद के रंगों को भी मसाने की होली में शामिल कर भस्म के साथ दिव्य होली खेली जाएगी। महाश्मशाननाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि फाल्गुल शुक्ल द्वादशी को महाश्मशान पर चिता भस्म के साथ होली खेली जाती है।
विज्ञापन


नियमित कार्यक्रम के तहत आदि देव शंकर दोपहर में स्नान के लिए मणिकर्णिका तीर्थ पर पहुंचते हैं। स्नान के बाद महाश्मशान नाथ की आरती और बाबा को भस्म अर्पित किया जाता है। फिर 51 वाद्ययंत्रों के बीच आरती होती है। उसके बाद जलती चिताओं के साथ भोलेनाथ अपने प्रिय विशिष्ट भक्तों के साथ चिता भस्म की होली खेलते हैं। शिवपुराण और दुर्गा सप्तशती में भी चिता भस्म की होली का उल्लेख मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रंगभरी के लिए बदला सप्तर्षि और भोग आरती का समय

Rangbhari ekadashi varanasi Colors of Braj will dissolve in the Holi of Chita Bhasma
चिता भस्म की होली। - फोटो : सोशल मीडिया।

रंगभरी एकादशी पर श्री काशी विश्वनाथ की आरती के समय में बदलाव किया गया है। 14 मार्च को होने वाले रंगभरी के उत्सव पर भगवान शिव एवं पार्वती की चल प्रतिमाओं का भव्य शृंगार किया जाएगा। शाम को सात बजे होने वाली सप्तर्षि आरती रंगभरी के दिन अपराह्न तीन बजे होगी। रात्रि नौ बजे होने वाली शृंगार भोग आरती अपराह्नन पांच बजे प्रारंभ होगी। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट रात्रि 11:30 बजे तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे। ब्यूरो 

गौरा को ससुराल के नियम समझाने के साथ गाए गए मंगल गीत

चला हो गौरा ऊंचे पहड़वा, तोहरा के भोला बोलउले बा... की धुन गौरा के मायके में तब्दील हो चुके महंत आवास पर गूंजते रहे। बाबा के गौने की रस्म उत्सव का उल्लास शनिवार को पूरी रौ में रहा। रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ मां गौरा की विदाई कराने के लिए कैलाश से काशी आएंगे।

शनिवार को टेढ़ी नीम स्थित विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर उत्सव का रंग और भी चटख हो गया। गौरा के रजत विग्रह को संध्याबेला में हल्दी लगाई गई। महंत आवास पर गौरा के विग्रह के समक्ष सुहागिनों और गवनहिरयों की टोली ने मंगल गीत गाए। उत्सव में ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक के बीच मंगल गीत गाते हुए महिलाओं ने गौरा को ससुराल के नियम समझाए।

मांगलिक गीतों से महंत आवास गुंजायमान हो उठा। लोक संगीत के बीच-बीच शिव-पार्वती के मंगल दांपत्य की कामना पर आधारित पारंपरिक गीतों का क्रम देर तक चला। मंगल गीतों में तैयारियों पर भी चर्चा हुई। भोले बाबा के आगमन के लिए महंत आवास पर तैयारियां की जा रही हैं। ठंडई, मेवे और पकवान तैयार कराए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed