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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ramnagar Ki Ramlila The story of Ram Ravana war Trijata told Sita how Lankapati would die

Ramnagar Ki Ramlila: राम-रावण युद्ध की लीला, त्रिजटा ने सीता को बताया कैसे मरेगा लंकापति, यज्ञ में बैठा दशानन

Tue, 04 Oct 2022 03:38 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 04 Oct 2022 03:38 PM IST
सार

सोमवार को रामनगर की श्रीरामलीला के 25वें दिन राम-रावण युद्ध की लीला हुई। युद्ध में रावण अपनी लगातार पराजय को देखते हुए महल में यज्ञ करने लगा। विभीषण ने राम को बताया कि यज्ञ पूरा होने पर वह नहीं मरेगा। 

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Ramnagar Ki Ramlila The story of Ram Ravana war Trijata told Sita how Lankapati would die
यज्ञ में बैठा रावण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के रामनगर में विश्वप्रसिद्ध रामलीला के 25वें दिन राम-रावण युद्ध की लीला हुई। युद्ध के मैदान में जामवंत के प्रहार से जब रावण मूर्च्छित हो गया तो सारथी उसे लेकर लंका लौट आता है। अशोक वाटिका में बैठी हुई माता सीता त्रिजटा से युद्ध का समाचार पूछती हैं। त्रिजटा बताती है कि रावण बेहोश पड़ा है राक्षस उसे घेरे हुए हैं। सीता पूछती हैं कि माता आप बताइए रावण कैसे मरेगा। त्रिजटा कहती है कि जब रावण की नाभि में तीर लगेगा तभी वह मरेगा।
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सोमवार को रामनगर की श्रीरामलीला के 25वें दिन राम-रावण युद्ध की लीला हुई। लंका कांड के 84 से 99 तक का प्रसंग का मंचन किया गया। युद्ध में रावण अपनी लगातार पराजय को देखते हुए महल में यज्ञ करने लगा। विभीषण ने राम को बताया कि यज्ञ पूरा होने पर वह नहीं मरेगा। राम के आदेश पर वानर और भालू ने उसका यज्ञ विध्वंस कर दिया। इसके बाद उसने युद्ध का डंका बजा दिया।
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Ramnagar Ki Ramlila The story of Ram Ravana war Trijata told Sita how Lankapati would die
रामनगर की रामलीला - फोटो : अमर उजाला
इंद्र ने राम को युद्ध करने के लिए रथ भेजा। राम और रावण का युद्ध आरंभ हो जाता है। उसी समय विभीषण ने रावण की छाती पर गदा से प्रहार किया तो वह हाय-हाय कहकर भूमि पर गिर पड़ा। रावण के उठने पर हनुमान उससे भिड़ गए। राम और रावण का युद्ध देखकर देवता भी डर गए। रावण ने सभी देवताओं को दौड़ा लिया। अंगद, बंदर और भालू उससे भिड़ गए। उसी समय जामवंत की प्रहार से रावण मूर्च्छित हो गया। भगवान की आरती के बाद लीला को विश्राम दिया गया।

रामनगर में आज मनाई जाएगी विजयादशमी
रामनगर में विजयादशमी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। परंपरागत ढंग से निकलने वाला काशीराज परिवार के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह का विजय जुलूस दुर्ग से सायंकाल काल चार बजे निकलेगा। दुर्ग से निकलने वाले विजय जुलूस को देखने के लिए लंका रामलीला मैदान तक सड़कों के किनारे दूर दराज से आने वाले एवं स्थानीय लोगों के साथ लीला प्रेमियों की भारी भीड़ लगी रहेगी।
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