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Ramnagar Ki Ramlila: हनुमान को खाने की जिद्द पर अड़ी सुरसा, बजरंगबली ने चलाया ऐसा चक्कर की प्रसन्न हुई राक्षसी

Wed, 28 Sep 2022 02:41 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 28 Sep 2022 02:41 PM IST
सार

हनुमान को देखकर देखकर सुरसा कहती है कि देवताओं ने आज मुझे अच्छा आहार दिया है वह हनुमान को खाना चाहती है तो हनुमान कहते हैं कि अभी जाने दो वापस लौटने पर मुझे खा लेना। वह नहीं मानती है। वह अपना आकार बढ़ाने लगी।

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Ramnagar Ki Ramlila Surasa the mother of snakes tests Hanuman
सुरसा के मुंह में प्रवेश करते हनुमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामनगर की रामलीला के 19वें दिन मंगलवार को हनुमान का लंका प्रस्थान, जानकी दर्शन, समाचार निवेदन की लीला का मंचन हुआ। हनुमान ने सोने की लंका को राख कर अशोक वाटिका को उजाड़ दिया।

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।सीता की खोज में सेना के साथ निकले हनुमान वानरों से फल खाने और प्रतीक्षा करने की बात कहकर मैनाक पर्वत पर चढ़ गए। उनके चढ़ने से पर्वत धंस गया। हनुमान को देखकर देखकर सुरसा कहती है कि देवताओं ने आज मुझे अच्छा आहार दिया है वह हनुमान को खाना चाहती है तो हनुमान कहते हैं कि अभी जाने दो वापस लौटने पर मुझे खा लेना। वह नहीं मानती है। वह अपना आकार बढ़ाने लगी। जब उसने अपना मुंह खोला तो हनुमान जी अपना छोटा रूप बनाकर उसके मुंह में प्रवेश कर बाहर आ गए। सुरसा उनकी चतुराई देखकर प्रसन्न हुई। अपना आशीर्वाद देकर चली गई।  
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हनुमान मच्छर का रूप धारण कर लंका में प्रवेश कर गए। सीता को खोजते हुए हनुमान विभीषण के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि सीता अशोक वाटिका में बैठी हैं। उधर, रावण माता सीता को विवाह के लिए समझा रहा था। इनकार करने पर वह राक्षसों से उन्हें प्रताड़ित करने की बात कही। हनुमान जी माता सीता को अपना परिचय बताते हैं। राम का संदेश कहकर वह उनकी आज्ञा लेकर फल खाने लगते हैं। रावण हनुमान को पकड़वा लेता है। दंड के रूप में उनकी पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान जी लंका जला देते हैं। फिर वह माता सीता के पास पहुंचते हैं। वह उन्हें चूड़ामणि देती हैं। हनुमान जी श्रीराम के पास पहुंचकर उन्हें सारी बात बताते हैं। राम हनुमान को गले से लगा लेते हैं। वानर सेना राम की जय जयकार करने लगती है। यहीं पर लीला को विराम दिया गया।

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