रमना एसटीपी पर तीन करोड़ का जुर्माना, जांच में तय मानक से सीवर का शोधन नहीं मिला
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वाराणसी में गंगा में प्रदूषण फैलाने वालों पर नमामि गंगे टीम की पैनी नजर है। रमना एसटीपी के संचालन में लापरवाही बरतने वाली कंपनी पर नमामि गंगे विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्रमुख सचिव के निर्देश पर चल रही जांच में पहली कार्रवाई रमना एसटीपी पर की गई। जांच में पाया गया कि तय मानक से सीवर का शोधन नहीं हो रहा है। सीवेज निस्तारण की गुणवत्ता मामले में रमना एसटीपी बेहतर नहीं पाई गई। प्रदेश में 104 एसटीपी चल रहे हैं। 44 एसटीपी नमामि गंगे विभाग के दायरे में हैं।
अविरल और निर्मल गंगा अभियान में तेजी लाते हुए शासन प्रशासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई है। नमामि गंगे की टीम प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में सरकारी और निजी क्षेत्र के एसटीपी की क्षमता और गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है।
कुल नौ टीमें निरीक्षण कर सीवेज निस्तारण की जांच में जुटी हैं। प्रमुख सचिव ने इस आशय का पत्र मानीटरिंग करने वाली एजेंसी जल निगम को भेजी है। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि नमामि गंगे की ओर से पत्र आया है। इस पत्र में जुर्माने का जिक्र किया गया है।
राज्यमंत्री ने निरीक्षण कर सीवर समस्या दूर कराने का दिया निर्देश
दशाश्वमेध वार्ड और विश्वनाथ कारिडोर के इलाकों का निरीक्षण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारी डाक्टर नीलकंठ तिवारी ने किया। लाहौरी टोला में सीवर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायत की। इसके बाद मंत्री ने मंदिर प्रशासन, स्मार्ट सिटी, नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण करें।