फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ramjan news in varanasi

जिस्म का जकात है रोजा, आखिरी अशरे के इस्तकबाल के लिए तेज हुई इबादत

Sat, 01 May 2021 01:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 May 2021 01:13 AM IST
विज्ञापन
ramjan news in varanasi
रमजान का दूसरा अशरा भी अब मुकम्मल होने की तरफ बढ़ चला है। ऐसे में आखिरी अशरे के इस्तकबाल के लिए अब इबादतों का सिलसिला तेज हो चुका है। पांचों वक्त की नमाज के साथ ही कुरान की तिलावत भी शिद्दत से की जा रही है।
विज्ञापन

शुक्रवार को रोजेदारों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों की सलामती के लिए दुआओं के साथ ही जरूरतमंदों एवं पड़ोसियों तक मदद भी पहुंचाई। इफ्तारी के समय दुआख्वानी में रोजेदारों ने खुदा से इल्तिजा करते हुए कहा कि कोरोना महामारी से निजात दिलाएं और अस्पतालों में इलाज कराने वाले सलामती से घर लौटें। समाज में फैली महामारी के डर और बेचैनी का हल तलाशने के लिए रोजेदार परवरदिगार की बारगाह में रहमत की तलब कर रहे हैं। हाजी फरमान हैदर ने बताया कि रमजान का चांद होते ही शैतान गिरफ्तार कर लिया जाता है और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। मुश्किलकुशा हजरत अली फरमाते हैं कि जब रोजेदार इफ्तार के वक्त दुआ करता है तो वो जरूर कुबुल होती है और रोजा जिस्म की जकात है। परवरदिगार फरमाता है कि माहे रमजान कितना बरकतों और रहमतों का महीना है इसका अंदाजा बंदा इसी से लगा ले कि इस महीने में हमने दुनिया की सबसे मुकद्दस किताब कुरान मजीद नाजिल फरमाया है।
विज्ञापन

छठवें इमाम जाफर सादिक ने फरमाया है कि जिन चीजों से रोजा टूटता है उसमें झूठ, गीबत, चुगलखोरी, दो मोमिन के बीच लड़ाई कराना, किसी के लिए गलत नजर रखना, झूठी कसम खाना शामिल है। रोजा तकवे का सबब और अल्लाह की नजदीकी हासिल करने का जरिया है। रोजा जहन्नुम से बचाने की ढाल है और जन्नत में दाखिले होने का जरिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed