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कुरान की तिलावत के साथ शुरू हुई खुदा की इबादत
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खुदा की इबादतों का महीना रमजान का आगाज हो गया। रमजान के महीने के आगाज के साथ ही इबादतों का दौर भी शुरू हो गया। पिछले साल की तरह भी इस साल भी रमजान की शुरुआत कोरोना संक्रमण काल में हुई।
बुधवार को पाबंदियों के साथ इबादत का सिलसिला शुरू हुआ। भोर में सहरी खाने के साथ ही लोगों ने नमाज अदा की। उसके बाद कुरान की तिलावत के साथ खुदा की इबादत का आगाज हुआ। दिन भर रोजा रखने के बाद भूख और प्यास को सहते हुए मगरिब की अजान के बाद लोगों ने खजूर और पानी से अल्लाह का नाम लेकर इफ्तार किया। भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान के निवास पर पिछले 70 वर्षों से होने वाले इफ्तार का आयोजन किया गया। उनके बेटे काजिम हुसैन, नाजिम हुसैन, पोते मोहम्मद सिबते, नवासे हादी हसन ने मिलकर इफ्तार का आयोजन किया। मौलाना सैयद अकील हुसैन ने नमाज अदा कराई और इसी अवसर पर मजलिस को भी खिताब किया। शिया मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया के अभी हम पिछले साल का रमजान भूले भी नहीं थे के 2021 का रमजान आ गया। इबादत के साथ ही हिफाजत भी जरूरी है। शहर की सैकड़ों मस्जिदों के साथ-साथ 30 शिया मस्जिदों में भी इफ्तार का आयोजन किया गया। रोजेदारों के साथ छोटे-छोटे बच्चों ने भी कोरोना से निजात पाने की दुआएं मांगी। फरमान हैदर ने बताया के लोगों ने गरीबों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए और किसी ने समान दिया तो किसी ने नगद पैसे दिया। उन्होंने अपील की है कि सामूहिक इफ्तार नहीं हो रहा है तो उसी पैसों से गरीबों की मदद की जाए। सभी कानूनों का पालन करते हुए खुद को भी बचाएं और दूसरो को भी बताएं।
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बुधवार को पाबंदियों के साथ इबादत का सिलसिला शुरू हुआ। भोर में सहरी खाने के साथ ही लोगों ने नमाज अदा की। उसके बाद कुरान की तिलावत के साथ खुदा की इबादत का आगाज हुआ। दिन भर रोजा रखने के बाद भूख और प्यास को सहते हुए मगरिब की अजान के बाद लोगों ने खजूर और पानी से अल्लाह का नाम लेकर इफ्तार किया। भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान के निवास पर पिछले 70 वर्षों से होने वाले इफ्तार का आयोजन किया गया। उनके बेटे काजिम हुसैन, नाजिम हुसैन, पोते मोहम्मद सिबते, नवासे हादी हसन ने मिलकर इफ्तार का आयोजन किया। मौलाना सैयद अकील हुसैन ने नमाज अदा कराई और इसी अवसर पर मजलिस को भी खिताब किया। शिया मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया के अभी हम पिछले साल का रमजान भूले भी नहीं थे के 2021 का रमजान आ गया। इबादत के साथ ही हिफाजत भी जरूरी है। शहर की सैकड़ों मस्जिदों के साथ-साथ 30 शिया मस्जिदों में भी इफ्तार का आयोजन किया गया। रोजेदारों के साथ छोटे-छोटे बच्चों ने भी कोरोना से निजात पाने की दुआएं मांगी। फरमान हैदर ने बताया के लोगों ने गरीबों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए और किसी ने समान दिया तो किसी ने नगद पैसे दिया। उन्होंने अपील की है कि सामूहिक इफ्तार नहीं हो रहा है तो उसी पैसों से गरीबों की मदद की जाए। सभी कानूनों का पालन करते हुए खुद को भी बचाएं और दूसरो को भी बताएं।
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