Ram Navami: 600 श्रीराम मंदिरों-मठों में गूंजे मंगल गीत, गंगा में बजड़े पर शोभायात्रा; महिलाओं ने सुनाई सोहर
Varanasi News: शहनाई व सोहर गूंजे तो जगह-जगह से शोभायात्राएं निकाली गईं। गंगा में बजड़े पर श्रीरामकथा मंदाकिनी शोभायात्रा की अद्भुत नजारा दिखा। श्रीराम दरबार की की झांकियों के दर्शन किए। सनातनियों के घरों श्रीरामनाम का ध्वज लहराए।
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चैत्र नवरात्र की श्रीरामनवमी पर शुक्रवार को शहर से लेकर गांवों तक श्रीरामलला के जन्मोत्सव की धूम रही। सात मंगल योग व अभिजीत मुहूर्त में प्रभु श्रीराम के जन्म का उल्लास 600 से ज्यादा श्रीराम मंदिरों और मठों में नजर आया। पूजन-अर्चन के साथ मंगल गीत गूंजे।
प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर 300 से ज्यादा श्रीराम और हनुमान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भीड़ रही। वहीं, 300 से ज्यादा मठों और आश्रमों में प्रभु का जन्म मनाया गया। शहर की सबसे पुरानी रामनाम मंदाकिनी शोभायाात्रा समिति की ओर तुलसी घाट पर 39वें शोभायात्रा को संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने श्रीरामदरबार के स्वरूपों की आरती कर रवाना किया। 30 केवटों को साफा बांधकर उनका सम्मान हुआ।
प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित 15 झांकियां वनगमन, कालनेमि संवाद, केवट संवाद, धनुष यज्ञ, लव-कुश प्रसंग, गंगा अवतरण, शिव स्तुति, लक्ष्मण परशुराम संवाद आदि के साथ लोग शंखनाद और भजन कीर्तन करते हुए चल रहे थे। विभिन्न घाटों से होकर यात्रा भैंसासुर घाट पहुंची, जहां श्रेष्ठ झांकियों को पुरस्कृत किया तथा बाकी पात्रों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल काशी की ओर से श्रीराम दरबार शोभायात्रा निकाली गई। जय श्रीराम के जप करते और जयकारे लगाते हुए औरंगाबाद हनुमान मंदिर से पुराना पान दरीबा, नया पान दरीब, काली महाल, चेतगंज, नई सड़क, गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क पहुंची, जहां प्रभ की आरती कर प्रसाद वितरण किया। शोभायात्रा में मेयर अशोक कुमार तिवारी, आरएसएस प्रांत प्रचारक रमेश, राजन तिवारी, शशि भूषण, संतोष सिंह आदि रहे।
निकलीं श्रीरामदरबार की झांकियां और बाइक शोभायात्रा
रामानंद विश्व हितकारिणी परिषद के संस्थापक श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य काशी पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राम कमलाचार्य वेदांती महाराज के सानिध्य में प्राचीन श्रीराम मंदिर गुरुधाम में श्रीराम जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। परिसर को फूल मालाओं, विद्युत झालरों एवं गुब्बारों से सजाया गया।
मंदिर के सचिव पं. रामभरत शास्त्री की देखरेख आश्रम के बटुक एवं आचार्यों के साथ भगवान श्रीराम का पूजन किया। 51 थालियों से भगवान श्रीराम की आरती उतारी गई। काशी के सिद्धहस्त कलाकारों ने भजन पेश किया। श्रीराम सेवा समिति की ओर से सेवापुरी क्षेत्र के कालिका धाम चौराहे से शोभायात्रा निकाली गई।
लोहता क्षेत्र में रामलीला मैदान से श्रीराम शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें श्रीरामदरबार की झांकियां शामिल रहीं। सनातन रक्षा परिषद की ओर से रवींद्रपुरी से गोदौलिया तक बाइक से शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रीराम दरबार के स्वरूपों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। सुंदरपुर से घोड़े पर श्रीरामदरबार के स्वरूपों की झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
प्रभु श्रीराम के जन्म और विवाह का मना उत्सव
श्री राम तारक आंध्र आश्रम मानसरोवर में शुक्रवार को श्रीराम जानकी परिणयोत्सव की धूम रही। द्वादश दिवसीय श्रीराम पट्टाभिषेक महोत्सव के नौवें दिन रामालय मंडप में दाक्षिणात्य परंपरा के अनुसार श्रीराम प्रभु व देवी जानकी का परिणयोत्स रचाया गया। महिलाओं ने हल्दी-कुंकुंमार्चन से लोकाचारी रीतियां निभाईं। मुख्य आचार्य उलीमिरि सोमायजुलू ने बताया कि शनिवार को पूजित 19 नदियों, समुद्र व रामेश्वरम् मंदिर में मौजूद 22 कुंड़ों के जल से श्रीराम प्रभु का पट्टाभिषेक कर राज्यारोहण होगा।
राममय रात में बही संगीत की बयार
वाराणसी नागरिक संघ की ओर से 34वें राममय रात का आयोजन डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर हुआ। लोगों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी। संगीत सफर की शुरुआत असफाक खां के शहनाई वादन से हुआ। भजन गायिका पल्लवी पांडेय, विजय कपूर, अमलेश पांडेय, दुर्गेश उपाध्याय, संस्कृति शर्मा, सरोज वर्मा, विदुषी वर्मा आदि ने भजनों से प्रभु का गुणगान किया।