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राज्यपाल राम नाईक बोले, देश की विरासत है भदोही की कालीन

Wed, 25 Oct 2017 03:27 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही Updated Wed, 25 Oct 2017 03:27 PM IST
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ram naik said bhadohi carpet is a heitage of india
राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक बुधवार को भदोही पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के कालीन भवन में निर्यातकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भदोही की कालीनें देश की विरासत हैं। मशीनों के बल पर नहीं हमारे लाखों शिल्पियों की उंगलियों के बल पर कई- कई महीनों में और कई प्रक्रियाओं से गुजरकर कालीन बनाने को मैं अद्भुत ही कह सकता हूं।
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यदि विश्व में ग्रामीण क्षेत्रों पर शोध हुआ तो ग्रामीण शिल्पियों के चलते भदोही को पहला स्थान मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि विश्व बाजार में जब चीजें पहुंचती हैं तो उनकी नकल होती है। भारतीय कालीनों की नकल भी होती होगी। आप अपने कालीनों की गुणवत्ता बनाए रखिए, नकल करने वाले सफल नहीं होंगे। आपकी ताकत शत प्रतिशत निर्यात है। इसे बनाए रखें, लेकिन आम आदमी के लिए भी कालीन बनाएं।
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भारतीय कालीन उत्पादकों की प्रसंशा करते हुए उन्होंने कहा कि हर कोई सुखी नहीं हो सकता। आपके उद्योग में भी कुछ समस्याएं होंगी। जीएसटी से भी थोड़ी असुविधा हुई होगी। लेकिन आने वाले दिनों में चीजें बेहतर होंगी। मैं केंद्र और प्रदेश सरकार के लिए एक सेतु के समान हूं। आपकी कभी भी कोई समस्या होगी तो राजभवन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
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उन्होंने कहा वर्ष 2011-12 में कालीन निर्यात जो 45.83 करोड़ था, वह गत वित्तीय वर्ष में 10 हजार करोड़ पार कर गया। इससे स्पष्ट है कि कालीन उद्यमी एकजुट होकर देश के लिए बड़ा काम कर रहे हैं। एकमा अध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने कालीन नगरी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 1960 में एकमा की स्थापना हुई और 20 लाख मजदूरों की रोजी रोटी का साधन बना हुआ है।

एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि मुगल यह कला हमारे भदोही में लेकर आए। तब उनसे हमें केवल ईरानी कला ही मिली थी, लेकिन आज विश्व भर में हम विविधता के लिए जाने पहचाने जाते हैं।


बताया कि आज भारत का विश्व शेयर 32 प्रतिशत है। एक कालीन में मुख्यतः 50 से 75 प्रतिशत तक श्रम होता है। भदोही और मिर्जापुर में तीन हजार इकाइयां हैं। उन्होंने बताया कि ढांचागत समस्याओं के चलते आज कालीन आयातक भदोही आना नहीं चाहते। 
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