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वाराणसी में बोलें राज्यपाल- राजनीति का स्तर गिरना चिंताजनक

Thu, 14 Feb 2019 01:37 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Thu, 14 Feb 2019 01:37 PM IST
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Ram naik come in the seminar on lok bandhu raj narayan in varansi
राम नाईक - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक(ram naik) गुरुवार को लोकबंधु राज नारायण(lok bandhu raj narayan) पर गोष्ठी में शामिल होने के लिए वाराणसी आए। राज्यपाल ने लोकबंधु राज नारायण के व्यक्तित्व और उनके द्वारा समाज हित में किए गए कामों पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की।
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि वर्तमान राजनीति का स्तर गिरना चिंताजनक है। व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप राजनीति की गरिमा को गिरा रहे हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सम्मानजनक शब्दों के प्रयोग की जगह कटु वचनों ने ले लिया है। राज्यपाल ने कहा कि राजनारायण के व्यक्तित्व व कृतित्व के कारण आज भी हम उन्हें याद करते हैं।
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जब तत्कालीन सरकार द्वारा शासन का दुरुपयोग किया जा रहा था तो राजनारायण ने संघर्ष कर संविधान की सुरक्षा के लिए कार्य किया। लोकतंत्र में संविधान का महत्व है उसे कभी सत्ता शीर्ष पर बैठे लोगों द्वारा कम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
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उन्होंने राजनारायण से जुड़े संस्मरण भी सुनाए। उन्होंने कहा कि हम सब को वसुधैव कुटुंबकम का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में जिस क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान होंगे, वहां के पीठासीन अधिकारी, पोलिंग एजेंट को  राजभवन बुलाकर सम्मानित करेंगे। ऐसा वे पिछले कई चुनाव से करते चले आ रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति पथ पर है उत्तर प्रदेश

Ram naik come in the seminar on lok bandhu raj narayan in varansi
राम नाईक - फोटो : amar ujala
मोतीकोट में राजपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नकल विहीन परीक्षा हो रही है। यह परीक्षा एक आदर्श के रूप में पूरे देश के समक्ष प्रस्तुत हुई है। विद्यालय और महाविद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और वे खुद समय-समय पर इसका मूल्यांकन करते हैं।

उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां सभी विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह दिसंबर तक संपन्न करा लिया गया है। कहां कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 1714 छात्रों को मेडल मिले। उसमें 64 फीसदी छात्राएं थीं। 

निरंतर प्रयास से मिलती है सफलता

राज्यपाल ने अपनी पुस्तक ‘चरैवेति चरैवेति’ का जिक्त्रस् करते हुए कहा कि वह पहले 6 भाषा में अनुवादित की जा चुकी है। 22 फरवरी को चार अन्य भाषाओं सिंधी, जर्मन, अरबी, फारसी में लोकार्पित की जाएगी। छात्रों को सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि निरंतर चलते रहने और प्रयास करने से सफलता मिलती है।

समारोह में क्षेत्र के वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम शास्त्री, काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह, राधे मोहन सिंह, पुष्पा सिंह, चतुर्भुज तिवारी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन श्वेता सिंह और धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक सिंह ने दिया।

राज्यपाल ने विद्यालय के शिलापट्ट का अनावरण भी किया। इस दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, राजातालाब बार के पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह, अध्यक्ष छेदी यादव, महामंत्री प्रदीप सिंह, विद्यालय के प्रबंधक सुभाष सिंह, शैलेंद्र सिंह आलोक कुमार राय, अरविंद कुमार, अरविंद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। 
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