आज भईया की कलाई पर राखी बांधेंगी बहनें, जानें कब से कब तक है शुभ मुहूर्त
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श्रावण सोमवार पर जहां एक तरफ भाईयों की कलाई राखी से सजेगी, वहीं ब्राह्मण समाज श्रावणी उपाकर्म करेंगे। रक्षाबंधन पर न तो भद्रा की छाया है और ना ग्रहण की छाया। इस बार सुबह 8.30 बजे से लेकर दिन भर मनाया जाएगा।
रविवार की शाम को श्रावण पूर्णिमा तिथि आरंभ हो गई। उदया तिथि का मान होने के कारण सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा की छाया सुबह 8:30 बजे समाप्त हो जाएगी।
पंचांग के अनुसार राखी बांधने का सर्वोतम मुहूर्त अपराह्न(दोपहर) 1:35 बजे से शाम 4:35 बजे तक और शाम 7:30 बजे से रात 9:30 बजे के बीच है। अपराह्न(दोपहर) में ना बांध सकें तो प्रदोष काल में राखी बांध सकते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, रावण की बहन ने भद्रा काल में उसे राखी बांधी थी, जिस से रावण का विनाश हो गया था।
इसलिए भद्रा काल से बचना चाहिए। त्योहार के उल्लास में ना बरतें लापरवाही अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वपुरी महाराज ने काशी की जनता से अपील की है कि वह रक्षाबंधन के दौरान कोविड-19 के मानकों का पालन करें।
त्योहार के उल्लास में किसी भी तरह की लापरवाही ना बरतें। महामंडलेश्वर संतोष दास ने अपील करते हुए कहा है कि मास्क पहनकर ही राखी बंधवाएं। अपनी और बहन की सुरक्षा का ध्यान रखें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न करें।