रक्षाबंधन 2026: बाबा विश्वनाथ झूले पर बैठ छह घंटे देंगे दर्शन, टेढ़ी नीम से निकलेगी रजत प्रतिमा की शोभायात्रा
रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ झूले पर विराजमान होकर छह घंटे भक्तों को दर्शन देंगे। टेढ़ी नीम से बाबा की पंचबदन की चल रजत प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर करीब छह घंटे तक काशीवासियों को दर्शन देंगे। बाबा की पंचबदन चल रजत प्रतिमा का महंत आवास में शृंगार किया जाएगा। इसके बाद प्रतिमा नगर भ्रमण पर निकलेगी और भक्तों को दर्शन देते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां बाबा का झूलनोत्सव मनाया जाएगा।
बाबा का पारंपरिक झूलनोत्सव रक्षाबंधन के दिन मनाया जाएगा। इसके लिए महंत आवास टेढ़ीनीम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाबा के झूले की साफ-सफाई की जा रही है। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या यानी 27 अगस्त को बाबा की चल प्रतिमा का महंत आवास में परंपरागत रूप से विशेष हरियाली शृंगार किया जाएगा। इसके बाद पूजा-अर्चना होगी।
संयोजक वाचस्पति तिवारी ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा पर बाबा की चल प्रतिमा का राजसी शृंगार किया जाएगा। इसके बाद शाम को गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। मार्ग में भक्तों को बाबा के दर्शन होंगे।
उन्होंने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में बाबा सपरिवार की चल प्रतिमा प्रतिष्ठित की जाएगी। नाटकोट क्षेत्र के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और डमरू वादन के बीच बाबा की चल रजत प्रतिमा को विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। वहां प्रतिमा स्थापित कर बाबा का पूजन किया जाएगा और झूलनोत्सव मनाया जाएगा।
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभूशरण ने बताया कि रक्षाबंधन पर बाबा की सप्तऋषि आरती से पहले चल रजत प्रतिमा का झूलनोत्सव मनाया जाएगा। शयन आरती तक बाबा भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद प्रतिमा को महंत आवास ले जाया जाएगा।