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रक्षा बंधन 2018: सीमा पर सतर्क रहें भाई, राखी भेजकर राष्ट्र सुरक्षा की याद दिलाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 23 Aug 2018 02:03 PM IST
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बनारस से जवानों भेजी गई राखी
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित रक्षापर्व कार्यक्रम में छात्राओं ने सीमा पर तैनात जवानों के लिए रक्षासूत्र भेजा, जिससे अपने घर से सैकड़ों किमी दूर रहकर राष्ट्र की रक्षा करने वालों की कलाई सूनी न रह सके। साथ ही जवानों से सीमा की सुरक्षा के वचन की अपेक्षा की। छात्राओं का कहना था कि जवान देश की सुरक्षा में लगे हैं। परंपराओं के अनुसार राखी उनकी रक्षा करेगी।
पाणिनी भवन में आयोजित कार्यक्रम में एनसीसी बी ग्रुप के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन अनिल जानू, अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ब्रह्मदेव मिश्र आदि ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए और लोगों को इसके लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया। रक्षा पर्व कार्यक्रम के लिए एनसीसी कैडेटों, छात्राओं की ओर से लोगों से रक्षासूत्र एकत्र कर एक बॉक्स में रखा गया था, जिसे सीमा पर तैनात जवानों के पास भेजवाया जाएगा।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ब्रह्मदेव मिश्र ने कहा कि परंपराओं पर अगर गौर करें तो रक्षाबंधन पर बहनें भाई के कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा की कामना करती है और भाइयों को तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना करती है।
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विशिष्ट अतिथि ग्रुप कैप्टन अनिल जानू ने कहा कि छात्राओं की ओर से भेजे जाने वाला रक्षासूत्र देश की रक्षा में लगे जवानों की रक्षा करेगा। इसी कामना के साथ यहां एकत्र रक्षासूत्र को वहां भेजवाया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि घर से दूर रहकर देश सेवा में लगे जवानों के प्रति इस कार्य की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। इससे सभी के भीतर देश सेवा के प्रति समर्पण का भाव जागृत होता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विद्या चंद्रा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विशाखा शुक्ला ने किया।
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पाणिनी भवन में आयोजित कार्यक्रम में एनसीसी बी ग्रुप के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन अनिल जानू, अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ब्रह्मदेव मिश्र आदि ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए और लोगों को इसके लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया। रक्षा पर्व कार्यक्रम के लिए एनसीसी कैडेटों, छात्राओं की ओर से लोगों से रक्षासूत्र एकत्र कर एक बॉक्स में रखा गया था, जिसे सीमा पर तैनात जवानों के पास भेजवाया जाएगा।
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समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ब्रह्मदेव मिश्र ने कहा कि परंपराओं पर अगर गौर करें तो रक्षाबंधन पर बहनें भाई के कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा की कामना करती है और भाइयों को तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना करती है।
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विशिष्ट अतिथि ग्रुप कैप्टन अनिल जानू ने कहा कि छात्राओं की ओर से भेजे जाने वाला रक्षासूत्र देश की रक्षा में लगे जवानों की रक्षा करेगा। इसी कामना के साथ यहां एकत्र रक्षासूत्र को वहां भेजवाया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि घर से दूर रहकर देश सेवा में लगे जवानों के प्रति इस कार्य की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। इससे सभी के भीतर देश सेवा के प्रति समर्पण का भाव जागृत होता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विद्या चंद्रा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विशाखा शुक्ला ने किया।
राखी भेजने के लिए डाकघरों पर लगी रही कतार
लाइन में लगी बहनें
- फोटो : अमर उजाला
बनारस में रक्षाबंधन का त्योहार अब बस केवल चार दिन ही शेष रह गया है, ऐसे में डाक के माध्यम से राखी भेजने वालों की भीड़ बढ़ गई है। मंगलवार को बीएचयू परिसर स्थित डाकघर के साथ ही प्रधान डाकघर कैंट, विश्वेश्वरगंज, कैंट रेलवे स्टेशन स्थित डाकघर के साथ ही शहर के अन्य डाकघरों पर लाइन लगी रही।
राखी को लेकर डाकघरों पर पहले से ही व्यवस्थाएं की जाती हैं लेकिन इसका बहुत असर नहीं दिखा। मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, काशी विद्यापीठ परिसर के साथ ही शहर के अन्य डाकघरों में राखी भेजने वालों की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सबसे अधिक भीड़ प्रधान डाकघर पर दिखी।
इस बीच सोमवार को प्रधान डाकघर विश्वेश्वरगंज पर जहां एक ही काउंटर चल रहा था वहीं मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यहां काउंटर बढ़ाए गए। दोपहर में यहां तीन काउंटर पर स्पीड पोस्ट की व्यवस्था कराई गई। इस बीच डाकघरों पर भीड़ से बचने के लिए कई लोग कोरियर का सहारा भी ले रहे हैं, जिससे कि समय से उनकी राखी पहुंच सके।
राखी को लेकर डाकघरों पर पहले से ही व्यवस्थाएं की जाती हैं लेकिन इसका बहुत असर नहीं दिखा। मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, काशी विद्यापीठ परिसर के साथ ही शहर के अन्य डाकघरों में राखी भेजने वालों की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सबसे अधिक भीड़ प्रधान डाकघर पर दिखी।
इस बीच सोमवार को प्रधान डाकघर विश्वेश्वरगंज पर जहां एक ही काउंटर चल रहा था वहीं मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यहां काउंटर बढ़ाए गए। दोपहर में यहां तीन काउंटर पर स्पीड पोस्ट की व्यवस्था कराई गई। इस बीच डाकघरों पर भीड़ से बचने के लिए कई लोग कोरियर का सहारा भी ले रहे हैं, जिससे कि समय से उनकी राखी पहुंच सके।