{"_id":"5c34e677bdec2256f6521069","slug":"railway-track-cracked-once-again-in-ghazipur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गाजीपुर में एक बार फिर रेल पटरी चटकी, काशन के जरिए भेजी गई गाड़ियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजीपुर में एक बार फिर रेल पटरी चटकी, काशन के जरिए भेजी गई गाड़ियां
Wed, 09 Jan 2019 09:18 PM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
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Published by: utpal utpal
Updated Wed, 09 Jan 2019 09:18 PM IST
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चटकी पटरी
- फोटो : amar ujala
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दानापुर मंडल के तहत पीडीडीयू-पटना रेल मार्ग पर गाजीपुर जिले के करहिया हाल्ट के पास सोमवार की देर रात डाउन लाइन की पटरी चटक गई। इसकी जानकारी मिलने पर रेल कर्मियों में हड़कंप मच गया।
बुधवार की भोर में उसिया स्टेशन के पास संघमित्रा एक्सप्रेस के गुजरने के बाद डाउन लाइन की पटरी चटक गई। जानकारी मिलने के बाद रेल कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान पीडीडीयू-पटना मेमू सवारी गाड़ी को दिलदारनगर स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक रोक दिया गया। कई गाड़ियों को काशन देकर आगे भेजा गया। बाद में पटरी की मरम्मत के बाद डेढ़ घंटे बाद यातायात को सुचारु किया गया। बता दें कि सोमवार की देर रात भी करहिया के पास पटरी चटक गई थी।
उसिया हाल्ट के पास संघमित्रा एक्सप्रेस के गुजरने के बाद पटरी के चटकने की जानकारी गेटमैन मोहम्मद अंसारी को सुबह हुई। उसने तुरंत इसकी जानकारी दिलदारनगर जंक्शन के उप स्टेशन अधीक्षक दीपक कुमार को दी। उन्होंने इसकी जानकारी दानापुर कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद रेल पथ विभाग के इंजीनियर तथा कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। सुबह आठ बजे क्लैंप बांध कर रेल पटरी की मरम्मत का काम शुरू किया गया। पटरी चटकने की जानकारी के बाद डाउन पीडीडीयू -पटना मेमू सवारी गाड़ी को करीब डेढ़ घंटे विलंब से रवाना किया गया।
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इस रूट से गुजरने वाली यशवंतपुर-पटना एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, पीडीडीयू-बक्सर फ़ास्ट पैसेंजर, गरीब रथ सहित कई प्रमुख गाड़ियों को काशन जरिये गंतव्य तक भेजा गया। काशन के तहत पटरी पर गाड़ियों की गति 30 किमी प्रति घंटा तक सीमित कर दी जाती है। दानापुर मंडल के परिचालन निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि टूटी पटरी को दुरुस्त कर करीब डेढ़ घंटे बाद ही यातायात सुचारु कर दिया गया।
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बुधवार की भोर में उसिया स्टेशन के पास संघमित्रा एक्सप्रेस के गुजरने के बाद डाउन लाइन की पटरी चटक गई। जानकारी मिलने के बाद रेल कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान पीडीडीयू-पटना मेमू सवारी गाड़ी को दिलदारनगर स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक रोक दिया गया। कई गाड़ियों को काशन देकर आगे भेजा गया। बाद में पटरी की मरम्मत के बाद डेढ़ घंटे बाद यातायात को सुचारु किया गया। बता दें कि सोमवार की देर रात भी करहिया के पास पटरी चटक गई थी।
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उसिया हाल्ट के पास संघमित्रा एक्सप्रेस के गुजरने के बाद पटरी के चटकने की जानकारी गेटमैन मोहम्मद अंसारी को सुबह हुई। उसने तुरंत इसकी जानकारी दिलदारनगर जंक्शन के उप स्टेशन अधीक्षक दीपक कुमार को दी। उन्होंने इसकी जानकारी दानापुर कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद रेल पथ विभाग के इंजीनियर तथा कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। सुबह आठ बजे क्लैंप बांध कर रेल पटरी की मरम्मत का काम शुरू किया गया। पटरी चटकने की जानकारी के बाद डाउन पीडीडीयू -पटना मेमू सवारी गाड़ी को करीब डेढ़ घंटे विलंब से रवाना किया गया।
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इस रूट से गुजरने वाली यशवंतपुर-पटना एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, पीडीडीयू-बक्सर फ़ास्ट पैसेंजर, गरीब रथ सहित कई प्रमुख गाड़ियों को काशन जरिये गंतव्य तक भेजा गया। काशन के तहत पटरी पर गाड़ियों की गति 30 किमी प्रति घंटा तक सीमित कर दी जाती है। दानापुर मंडल के परिचालन निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि टूटी पटरी को दुरुस्त कर करीब डेढ़ घंटे बाद ही यातायात सुचारु कर दिया गया।
एक सप्ताह में तीसरी बार चटकी पटरी
दिलदारनगर जंक्शन के आसपास के स्टेशनों के पास रेल पटरियों के चटकने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले एक सप्ताह में यह तीसरी बार है जब पीडीडीयू-पटना रेलमार्ग पर पटरी चटकी है। अभी सोमवार की देर रात को करहिया हाल्ट के पास डाउन लाइन चटक गई थी।
इसके दो दिन पहले गहमर स्टेशन के पास भी डाउन लाइन ही चटक गई थी। इस लगातार बढ़ती घटनाओं को रेलवे प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में किसी हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। विभाग की मानें तो पटरियां काफी पुरानी हो गई हैं और जाड़े के मौसम में बार-बार चटक रही हैं।
इसके दो दिन पहले गहमर स्टेशन के पास भी डाउन लाइन ही चटक गई थी। इस लगातार बढ़ती घटनाओं को रेलवे प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में किसी हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। विभाग की मानें तो पटरियां काफी पुरानी हो गई हैं और जाड़े के मौसम में बार-बार चटक रही हैं।