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Varanasi News: इंजन के पार्ट चोरी करने में दोषी रेल आउटसोर्सिंग कर्मी को 16 माह की सजा, जानें- पूरा मामला
Thu, 13 Jun 2024 12:35 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 13 Jun 2024 12:35 PM IST
सार
रेलवे में आउटसोर्सिंग कर्मी को इंजन के पार्ट चोरी करने में दोषी पाए जाने पर 16 माह की सजा सुनाई गई। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला वर्ष 2021 का है।
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अदालत (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एनईआर महेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट ने रेल इंजन के जनरेटर पार्ट चोरी करने के मामले में आरोपी मंगरू साव को दोषी पाते हुए 16 माह की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। रेलवे में आउटसोर्सिंग कर्मी मंगरू ने कोरोना काल के दौरान चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। वाराणसी, हैदराबाद, गुरुग्राम, एमपी, चेनई, रायपुर, जबलपुर, केरल तक मुकदमे दर्ज हैं।
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मिर्जापुर के कछवा थाना क्षेत्र निवासी मंगरू साव साथी राजा उर्फ राजमणि दास के साथ 2021 में रेलवे में आउटसोर्सिंग पर काम करते हुए जेनरेटर यान का महत्वपूर्ण पार्ट चोरी किया था। राजा को रांची से गिरफ्तार किया गया था। राजा के बयान पर मंगरू को भी आरोपी बनाया गया। उसे गिरफ्तार किया गया।
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आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप यादव ने मंगरू को लखनऊ जेल से तलब कराया। संदीप ने बताया कि मंगरू अमूमन जेनरेटर यान के पास के कोच में जाता था। उस दौरान भारतीय रेलवे का पहचान पत्र गले में लटकाया रहता था। इसका फायदा उठाकर ट्रेन के कॉपर स्ट्रिप समेत अन्य मेटल के महत्वपूर्ण पार्ट निकाल लेता था। पार्ट्स को लाखों रुपये में बेचता था।
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वाराणसी आरपीएफ में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक ने आरोपी को तलब कराकर पहले ही रिमांड बनाया था। आरोपी ने गरीब बताते हुए मुकदमे के निस्तारण की मांग की। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।