पेंशनरों का आरोप, दवाईयों के लिखे पर्चे बदल देते हैं मंडल रेल अस्पताल के चिकित्सक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन वाराणसी मंडल के पदाधिकारियों ने रेलवे चिकित्सा व्यवस्था पर बड़ा आरोप लगाया है। पेंशनरों का आरोप है कि दूसरे अस्पतालों में रेफर होने पर जो दवाएं लिखी जाती हैं, उन्हें मंडल के रेलवे चिकित्सकों द्वारा बदल दिया जाता है। पेंशनरों ने ऐसे चिकित्सकों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल में व्याप्त ख़ामियों का भी मुद्दा उठाया।
लहरतारा स्थित रेलवे स्काउट कुटीर परिसर में हुई बैठक के दौरान पेंशनरों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष व पूर्व मंडल वित्त प्रबंधक एसके प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार की निजीकरण संबंधी नीति के कारण पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात तय है। ऐसी स्थिति में पेंशनरों को संगठित होना जरूरी है।
उपाध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा ने संगठन की सदस्यता बढ़ाने पर जोर दिया। मंडल मंत्री बसंत प्रसाद ठाकुर ने कहा कि रेलवे अस्पताल की व्यवस्था सुदृढ़ करने की जरूरत है। कोषाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद ने यूएमआईडी कार्ड की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
बैठक में चंद्रशेखर चक्रवर्ती, जेड एच खान, सुधीर चंद्र दिन, कुंजल लाल कुशवाहा, ए एम अंसारी, शिव मूरत राम, विनोद कुमार अवस्थी, रमेश सिंह, केपी शर्मा, जय राम महतो, फिरोज अहमद, केके श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।