UP: रेलवे के घूसखोर DEN के प्रॉपर्टी का खुलासा, 20 बीघे का फार्म हाउस, इसमें मछली का तालाब व पोल्ट्री फार्म भी
घूस मांगने के आरोपी सीनियर डीईएन के मिर्जापुर के चुनार स्थित आवास पर जांच से कई कंपनियों के दस्तावेज मिले। इस दौरान डीईएन के फर्म और कीमती प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ। डीईएन का 20 बीघे का फार्म हाउस है, इसमें मछली तालाब और पोल्ट्री फार्म भी है।
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रेलवे ट्रैक का टेंडर देने के बाद दो लाख घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार वरिष्ठ मंडल अभियंता (सीनियर डीईएन-टू) सत्यम कुमार सिंह पटेल का मिर्जापुर के चुनार में 20 बीघे का फार्म हाउस मिला है। इसमें मछली का तालाब है। पोल्ट्री फार्म भी बना रखा है। इससे संबंधित दस्तावेज सीबीआई ने जब्त कर लिए हैं। सीबीआई की जांच से पता चला कि गिरफ्तार रेलवे अफसर माता-पिता के नाम से दस-दस लाख रुपये का इनकम टैक्स जमा करता है। दूसरी तरफ सीबीआई की लखनऊ कोर्ट ने आरोपी सत्यम कुमार सिंह को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा जेल भेज दिया है।
सीबीआई की टीम रेलवे अफसर की आय और उसकी संपत्ति का ब्योरा खंगालने में जुटी है। जांच के मुताबिक, गिरफ्तार सत्यम कुमार सिंह को प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपये तनख्वाह मिलती है। इसके बावजूद करोड़ों के निवेश से फार्म हाउस बनवा लिया। लखनऊ और नोएडा में भी संपत्ति खरीदने के साक्ष्य मिले हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम भवन में लगभग दो साल से तैनात सीनियर डीईएन-टू सत्यम कुमार सिंह ने देवरिया निवासी एक चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाया और कई नियमों को बेपटरी कर दिया। ठेकेदार के फर्म पर कई काम कराए गए हैं। इसकी जांच भी सीबीआई कर रही है। सीनियर डीईएन के एक करीबी रिश्तेदार की संलिप्तता भी सामने आई है। रिश्तेदार की फर्म पर वर्क ऑर्डर जारी किए गए। काम भी हुए हैं। फिलहाल, सीबीआई की एसपी शिवानी तिवारी और डिप्टी एसपी रानू चौधरी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई से रेलवे अफसर सहमे हैं। डीआरएम कार्यालय में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा।
सीबीआई लखनऊ के एक अधिकारी ने बताया कि सीनियर डीईएन का हर रनिंग बिल पर 2 परसेंट कमीशन होता है। उसी रेशियो से पैसा भी बनता था। पैसा नहीं देने पर ठेकेदार को परेशान किया जाता था। सीनियर डीईएन के चैंबर में दो कंप्यूटर पाए गए। इसमें एक विभागीय रेलवे का और दूसरा सीनियर डीईएन का पर्सनल था। दोनों कंप्यूटर की हार्डडिस्क जब्त कर ली गई है।