फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   purvanchal leaders and village chief on radar of UP police

उत्तर प्रदेश पुलिस के रडार पर पूर्वांचल के कई नेता और प्रधान

Thu, 02 Nov 2017 02:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/ आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/ आजमगढ़ Updated Thu, 02 Nov 2017 02:17 PM IST
विज्ञापन
purvanchal leaders and village chief on radar of UP police
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के आजमगढ़ में निकाय चुनाव से पहले भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद होने के बाद यूपी पुलिस चौकस हो गई है। हथियारों के साथ पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कुछ अहम जानकारी दी है। आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के छित्तुपट्टी गांव में सोमवार की दोपहर भारी मात्रा में बिहार निर्मित पिस्टल और रिवाल्वर बरामद हुआ था।
विज्ञापन


गिरफ्तार चार आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को कई नेता, विधायक और प्रधानों के नाम की जानकारी हुई है। प्रधान और अध्यापक ग्राहक तलाशते थे, वहीं पकड़े जाने पर नेता इन सभी को बचाते थे। इसके बदले में तस्करों से उन्हें हिस्सा मिलता था।
विज्ञापन


पूर्वांचल के कई लोगों का नामों की जानकारी होने के बाद पुलिस उनका रिकार्ड खंगाल रही है। किसी जमाने में मुबारकपुर थाना क्षेत्र का बम्हौर गांव अवैध हथियार बनाने और बेचने के लिए मशहूर था। टी-सीरिज कैसेट्स के मालिक गुलशन कुमार की हत्या में प्रयुक्त तमंचा बम्हौर में ही बनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि इसके बाद पुलिस ने यहां के असलहे निर्माताओं की कमर तोड़ दी। इसके बाद बिहार का मुंगेर जिला अवैध असलहे के निर्माण का गढ़ बन गया। वहां से तस्कर बड़े पैमाने पर तमंचा, पिस्टल, रिवाल्वर आदि खरीदकर लाते हैं और यहां अधिक रुपये में बेच देते हैं।

बिहार से असलहा लाने के लिए तस्करों को नेता और प्रधान अपना वाहन उपलब्ध कराते हैं। गाड़ी के आगे पदनाम लिखा होने की वजह से इन पर जल्दी कोई ध्यान नहीं देता, जिसका यह लोग फायदा उठाते हैं। इसके अलावा अध्यापकों को महीने में अच्छीखासी तनख्वाह मिलती है।

इसलिए एक अध्यापक दूसरे को असलहे खरीदने के लिए प्रेरित करता है। अध्यापक, प्रधान आदि पर जल्दी कोई शक नहीं करता। जिसका यह लोग फायदा उठाते हैं। इसके अलावा कई विधायक और नेता से भी इनके संबंध हैं। यह लोग रुपये के बदले में इन तस्करों की मदद करते थे। 

एटीएस के रडार पर वाराणसी के अधिकारी

purvanchal leaders and village chief on radar of UP police
UP Police
वाराणसी में गोरखा रेजीमेंट में हुई नेपाली नागरिकों की भर्ती के मामले में यूपी एटीएस की टीम वाराणसी की लोहता तहसील के अधिकारियों से पूछताछ करेंगे। इन अधिकारियों में तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल शामिल हैं, जिनसे एटीएस की टीम पूछताछ करेगी।

जानकारी के अनुसार वाराणसी में एटीएस के हत्थे चढ़े फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वाले विष्णु लाल भट्टा राय और मुख्य दलाल चंद्र बहादुर खत्री ने जो खुलासे किए हैं, वह काफी चौकाने वाले हैं। एटीएस के सूत्रों की मानें तो पैसों के बूते वाराणसी की लोहता तहसील के चांदपुर गांव के पते पर सेना में भर्ती हो चुके चार नेपाल नागरिकों का निवास प्रमाण पत्र बनाया गया था।

तहसील स्तर से जारी किए गए इन चारों नेपाली नागरिकों के निवास प्रमाण पत्र को सत्यापित करने वाले लेखपाल और कानूनगो से पूछताछ की जाएगी। साथ में यह भी पता किया जाएगा कि और कितने लोगों के निवास प्रमाण पत्र बिना वेरिफिकेशन किए जारी किए गए।

एटीएस के अधिकारी इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मान रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सेना में भर्ती होने वाले सैनिकों के (मिलेट्री वेरिफिकेशन रिपोर्ट) एमवीआर निगेटिव होने के बाद भी कुछ नेपाली नागरिकों को सेना में भर्ती कर लिया गया। यह एमवीआर संबंधित जिले के एसएसपी कार्यालय द्वारा तैयार की जाती है।

सूत्रों का कहना है कि वाराणसी कैंट स्थित सेना के गोरखा रेजीमेंट में भर्ती किए गए दो नेपाली नागरिकों का पुलिस सत्यापन किया गया तो यह पते फर्जी पाए गए। वाराणसी एसएसपी कार्यालय से इसकी रिपोर्ट भी सेना के अधिकारियों को दे दी गई थी।

बावजूद इसके उक्त दोनों ही नेपाली नागरिकों की भर्ती सेना में हो गई। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि मिलेट्री इंटेलीजेंस पिछले दो साल से इस बारे में सूचना सेंट्रल कमांड के अधिकारियों को दे रही थी।

इसके बाद भी सेना के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में एटीएस ने वाराणसी के इन मामलों की परतें उधेड़ीं तो सारा सच सामने आने लगा। अब तक इस मामले में यूपी एटीएस ने पांच लोगों के गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed