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पंजाब में कार्ड क्लोनिंग, बनारस निवासी मास्टर माइंड गिरफ्तार, परिजन मंदिर में करते हैं पूजा-पाठ

Tue, 21 Aug 2018 08:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/मोहाली Updated Tue, 21 Aug 2018 08:11 PM IST
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punjab card cloning acuused based from varanasi arrested
पंजाब के मोहाली शहर में अगस्त के शुरू में हुई कार्ड क्लोनिंग के तार बनारस और बागपत से जुड़े हैं। इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शातिर अपराधी सुमित और सौरभ वहीं के रहने वाले हैं। अब तक पुलिस इस केस में करीब छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनसे कई अहम जानकारियां स्टेट साइबर सेल पंजाब की टीम के हाथ लगी हैं।
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फेज-पांच में स्टेट साइबर सेल के दफ्तर के समीप एक नामी रेस्टोरेंट कम बार है। 3 अगस्त को जो लोग वहां गए थे और कार्ड स्वैप करके जिन्होंने अपने बिलों का भुगतान किया था उनके बैंक खातों से उस समय सही ट्रांजेक्शन हुआ। अगले दिन उन लोगों के खातों से पैसे निकलने शुरू हो गए और मोबाइल पर मेसेज आने लगे तो वारदात का पता चला।
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इस दौरान 11 लाख की राशि लोगों के खातों से गई थी। मामले में सौरभ के बाद बनारस निवासी सुमित को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चंडीगढ़ से महेश कुमार, करन इंद्रपाल और राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
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एमबीए की पढ़ाई के दौरान सीखी थी जालसाजी

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 स्टेट साइबर सेल के सूत्रों के मुताबिक कार्ड क्लोनिंग गिरोह का प्रमुख सुमित काफी शातिर है। बनारस का मूल निवासी सुमित सारस्वत ब्राह्मण परिवार से संबंध रखता है। उसके परिजन बनारस में मंदिर में पूजा पाठ कराते हैं। साथ ही, पूजा पाठ के सामान बेचने का काम करते हैं। मोहाली पुलिस ने अभी तक सुमित के बारे में कोई भी जानकारी वाराणसी पुलिस के साथ साझा नहीं की है। 

सुमित ने छह साल पहले जालसाजी शुरू की थी। वह एमबीए कर रहा था, इसी बीच वह मुंबई गया था। वहां पर उसने कॉल सेंटर में काम किया। साथ ही उसका संबंध वहां उन लोगों से हुआ जो यह काम पहले से करते थे। उन्होंने उसे कम समय में अमीर होने के सपने दिखाए। इतना ही नहीं उसे इस धंधे की बारीकियों के बारे में बताया। इसके बाद उसने अपनी गैंग बनाकर काम शुरू कर दिया था।

उस पर मुंबई में दो केस दर्ज हैं। गिरोह के सदस्यों को सुमित ही कार्ड क्लोनिंग मशीन से लेकर सामान मुहैया करवाता था। सुमित व गिरोह के सदस्य आलीशान जीवन जी रहे थे। यह सभी जिस भी राज्य में वारदात को अंजाम देते थे, वहां बढ़िया होटलों में रुकते थे। पुलिस आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान की जांच कर रही है।
 
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