वाराणसी: पाकिस्तान के ननकाना साहिब की घटना के विरोध में सिख समुदाय का प्रदर्शन
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पाकिस्तान के ननकाना साहिब में भीड़ ने सिखों के पवित्र स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव और सिखों के खिलाफ हुई नारेबाजी की भारत ने कड़ी निंदा की है। साथ ही भारत में सिख समुदायों में भी काफी नाराजगी है। इस दौरान देश में कई जगह इस घटना का विरोध किया गया।
वाराणसी के गुरुद्वारा गुरुबाग में सिखों ने पाकिस्तान के विरोध में किया प्रदर्शन। इन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है। सिख समुदाय ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। ननकाना साहिब गुरू नानक का जन्मस्थान है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन के परिवार ने की, जिस पर एक सिख लड़की का जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप है। लड़की से शादी करने वाले मोहम्मद अहसान के भाई मोहम्मद इमरान के साथ आए मुसलमानों ने गुरुद्वारा साहिब को घेर लिया।
कुछ देर बाद गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार पर पथराव शुरू हो गया। गेट बंद करने पर गुरुद्वारे के भीतर पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी कि शहर का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा कराएंगे। कोई सिख ननकाना में नहीं रहेगा।
प्रदर्शन लगभग चार घंटे चला। इस कारण गुरुद्वारे के आसपास की दुकानें बंद हो गईं। इस दौरान गुरुद्वारे में मौजूद संगत डरकर प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद भी काफी देर तक वहीं बैठी रही। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कई पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद संगत वहां से निकली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
यह है मामला
गुरुद्वारे के ग्रंथी का आरोप है कि उनकी बेटी जगजीत का कुछ लोगों ने अपहरण कर जबरन निकाह कराया। वहीं, एक वीडियो में लड़की ने मर्जी से धर्मांतरण का दावा किया। मोहम्मद हसन के परिवार ने कहा, मर्जी से इस्लाम कबूलने और शादी के बावजूद सिख समुदाय ने हंगामा किया।