Varanasi: सर्व सेवा संघ का भवन बचाने के लिए 60वें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी, दिल्ली से पहुंचे कई गांधीवादी
वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ के भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन और संघ के बीच खींचतान जारी है। 60वें दिन बुधवार को भी संघ से जुड़े लोगों ने धरना-प्रदर्शन के जरिये अपनी आवाज बुलंद की।
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वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ के भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन और संघ के बीच खींचतान जारी है। 60वें दिन बुधवार को भी संघ से जुड़े लोगों ने धरना-प्रदर्शन के जरिये अपनी आवाज बुलंद की। उधर, ध्वस्तीकरण की जानकारी पाकर दिल्ली से बड़ी संख्या में गांधीवादी पहुंच गए।
सर्व सेवा संघ के कार्यक्रम समन्वयक रामधीरज ने बताया कि यह सरकार महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू सहित आजादी के नायकों की छवि खराब करने व राष्ट्रीय धरोहरों को नष्ट करने पर आमादा है। जलियांवाला बाग और साबरमती आश्रम को बदलकर इस सरकार ने पर्यटन स्थल बना दिया है।
इसी प्रकार जयप्रकाश नारायण द्वारा स्थापित सर्व सेवा संघ और गांधी आश्रम को भी तोड़कर यहां गेस्ट हाउस बनाना चाह रही है। रेलवे और जिला प्रशासन को आगे करके सर्व सेवा संघ की जमीन एडिट को भी फर्जी साबित करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले को लेकर सर्वे सेवा संघ द्वारा सुप्रीम, हाईकोर्ट और जिला न्यायालय में पहले ही याचिका दायर की गई है। मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा सर्व सेवा संघ की भूमि के मालिकाना हक को लेकर जिला न्यायालय में वाद पर सुनवाई होना सुनिश्चित किया गया है।
इधर, सर्व सेवा संघ के भवनों को तोड़ने की जानकारी पाकर बुधवार को दिल्ली के प्रो. राजकुमार जैन, प्रो. रमाशंकर सिंह, जेएनयू के प्रो. आनंद कुमार, सुनील, अभय क्रांतिवीर, शुभम बनवासी, धनंजय, महेंद्र राठौर, अरविंद सिंह आदि लोग धरना स्थल पर पहुंच गए। शाम 4:30 बजे तक सर्व सेवा संघ के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से गांधीवादियों का धरना प्रदर्शन चल रहा था।
आरएसएस प्रमुख से अपील, विरासत ध्वस्त होने से बचाएं
सत्याग्रहियों ने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के काशी प्रवास पर होने के कारण उनसे सामूहिक अपील की। उन्होंने कहा कि भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे ने वाराणसी के राजघाट में साधना केंद्र की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य था समाज कार्य व राष्ट्र निर्माण के लिए युवक व युवतियों को तैयार करना। सरसंचालक से अपील की गई कि इस तरह की गतिविधियां तत्काल रुकवाएं। अन्यथा देश की एक बड़ी महत्वपूर्ण विरासत ध्वस्त हो जाएगी।