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श्रीराम जन्मभूमि के पक्षकार रहे प्रो. ठाकुर प्रसाद वर्मा का निधन, वाराणसी में हुआ अंतिम संस्कार
Fri, 08 May 2020 09:49 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 08 May 2020 09:49 PM IST
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बीएचयू प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व आचार्य प्रोफेसर ठाकुर प्रसाद वर्मा। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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श्रीराम जन्मभूमि के प्रमुख पक्षकार रहे प्रो. ठाकुर प्रसाद वर्मा (85) का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। काशी के शिक्षा और धर्म जगत से जुड़े लोगों ने शोक जताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। बीएचयू में प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के आचार्य प्रो. वर्मा की हरिश्चंद्र घाट पर अंत्येष्टि की गई। बेटे सिद्धार्थ ने उन्हें मुखाग्नि दी।
प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि भगवानपुर लंका निवासी प्रो. वर्मा 1992 में रिटायर्ड हुए थे। वह अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के प्रमुख स्तंभ और राम जन्मभूमि के प्रमुख पक्षकार रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विरोधियों के समक्ष श्रीराम जन्मभूमि एवं उनकी वंशावली प्रस्तुत की थी। उनका निधन इतिहास जगत के साथ विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।
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प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि भगवानपुर लंका निवासी प्रो. वर्मा 1992 में रिटायर्ड हुए थे। वह अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के प्रमुख स्तंभ और राम जन्मभूमि के प्रमुख पक्षकार रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विरोधियों के समक्ष श्रीराम जन्मभूमि एवं उनकी वंशावली प्रस्तुत की थी। उनका निधन इतिहास जगत के साथ विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।
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