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संयुक्त राष्ट्र संघ में बही बनारस की ज्ञान गंगा
Sat, 14 Sep 2019 02:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Sep 2019 02:54 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के यूनेस्को चेयर प्रो. प्रियंकर उपाध्याय ने संयुक्त राष्ट्र संघ तक विश्वविद्यालय का परचम लहराया। शुक्रवार को प्रो. उपाध्याय को संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय न्यूयार्क में सामान्य सभा में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया। सभा ने शांति की संस्कृति की अवधारणा के 20 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया है।
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प्रो. उपाध्याय ने शांति की संस्कृति और अहिंसा की भारतीय अवधारणा पर विचार व्यक्त किया कि हिंसा से ग्रस्त हमारी दुनिया में सहिष्णुता एवं शांति की जरूरत है। उन्होंने बनारस को वैश्विक धार्मिक साझापन और सहजीविता का आकर्षक प्रतीक बताया।
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इसके पूर्व पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के ग्लोबल फेलो प्रो. उपाध्याय ने इसके पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नियंत्रण पर व्हाइट हाउस के वैश्विक धार्मिक नेतृत्व को संबोधित किया था।
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वह नोबल शांति पुरस्कार को नामित करने वाले एक विशिष्ट पैनल के सदस्य भी हैं। इस उपलब्धि पर यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह एवं कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने प्रो. उपाध्याय को बधाई दी है।