Varanasi: जश्न-ए-विलादत पर उठे जुलूस, मौला की शान में गूंजी या अली... की सदाएं
हजरत अली की विलादत का जश्न वाराणसी में रविवार को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। अली अली... और नारे हैदरी के नारे के साथ जुलूस में परचम लहराए। मौला की शान में कलाम व तकरीर पेश किए गए। मोमिनों ने उनकी याद में घरों में फातिहा कराई और महफिलें सजाईं।
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हजरत अली की विलादत का जश्न वाराणसी में रविवार को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। अली अली... और नारे हैदरी के नारे के साथ जुलूस में परचम लहराए। मौला की शान में कलाम व तकरीर पेश किए गए। मोमिनों ने उनकी याद में घरों में फातिहा कराई और महफिलें सजाईं।
दोषीपुरा से जुलूस के रूप में सुबह मोमिन टाउन हॉल पहुंचकर हजरत मौला अली समिति के बैनर तले उठे जुलूस में शामिल हो गए। हाथ में तिरंगा और धार्मिक परचम लहराते हुए जुलूस में शामिल लोग आगे बढ़े। जुलूस के नीचीबाग पहुंचने पर गुरुद्वारा कमेटी के मैनेजर महेंद्र सिंह और दलबीर सिंह आदि ने स्वागत किया। चौक व नई सड़क पर तकरीर हुई। इसके बाद दालमंडी, शेख सलीम फाटक, काली महाल होते हुए जुलूस दरगाहे फातमान पहुंचा। यहां मौला अली के रौजे पर लोगों ने जियारत की।
यहां आयोजित सेमिनार में संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने कहा कि हजरत अली ने हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। ईसाई धर्म प्रांत के प्रतिनिधि डैनियल फिलिप्स, भाई धर्मबीर सिंह, उमेश कबीर, इमामे जुमा रांची मौलाना तहजीब उल हसन, मौलाना जमीर उल हसन, मौलाना जमीनल, मौलाना वसीम, मौलाना जावेद, मौलाना युसुफ, मौलाना इकबाल ने तकरीर पेश की। उधर, दोषीपुरा और चौहट्टा लाल खां में जश्न-ए-मिलाद हुआ।
ये हुए पुरस्कृत
दुर्रे नजफ अवार्ड मौलाना कजीम मेहंदी उरूज और डॉ. गजनफर, बाबुल इल्म अवार्ड मौलाना असद और हसन अब्बास और विलायते अली अवार्ड अंजुमन हुसैनिया बनारस को दिया गया।
101 किलो का काटा केक
वाराणसी। काली महाल स्थिति रिजवी होम में मौला अली की जयंती पर 101 किलो का केक काटा गया। इस मौके पर शकील अहमद जादूगर, जीशान हैदर बबी, आफाक हैदर, शबाब हैदर, कमर हुसैन, वकार हैदर, शारिब, जीशान, आयान हैदर, आवेश हैदर, अरमान अहमद आदि रहे।