माता-पिता संग दुष्कर्म पीड़िता ने खाया जहर, प्रियंका बोलीं- सीएम और मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए
उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'उप्र के हालात देखिए। सैकड़ों भयावह घटनाएं होने के बाद भी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की तरफ से कोई हलचल नहीं दिखती है। उप्र के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए। वो किस चीज का इंतजार कर रहे हैं? आप अपनी महिला नागरिकों को इंसाफ का भरोसा ही नहीं दे पा रहे हैं।'
पीड़िता के पिता के पास से बरामद दो पेज के पत्र के अनुसार सीओ कैंट, इंस्पेक्टर कैंट और पहड़िया चौकी इंचार्ज पर पैसे लेकर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। लिखा है कि तीनों अधिकारी मुकदमे की धाराएं कम करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही बयान बदलने के लिए पीड़िता को धमकाते हैं। सब जगह गुहार लगाने के बावजूद भी प्रभावी कार्रवाई न होते देख तीनों जहर खाकर जान दे रहे हैं। तीनों की मौत के जिम्मेदार जमीर आलम, उत्कर्ष और विशाल हैं। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
कैंट थाने में बीते तीन नवंबर को एक किशोरी के अपहरण के आरोप में विशाल मौर्या और उत्कर्ष तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 13 नवंबर को किशोरी बरामद की गई तो उसने कलमबंद बयान दिया कि फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर उसे मुंबई ले जाया गया और होटल में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसमें मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार कराने वाले गिरोह की भी संलिप्तता है। किशोरी के बयान के आधार पर दर्ज मुकदमे में धाराएं और आरोपियों का नाम बढ़ाकर पुलिस ने पहले विशाल और फिर कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात टीटीई जमीर आलम को गिरफ्तार किया। जबकि उत्कर्ष की गिरफ्तारी होना बाकी है।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी पर कभी सिपाही बनाने तो कभी फिल्मों में काम दिलाने की बात कह कर बयान बदलने का दबाव पुलिस बनाती है। एसएसपी से लेकर सारे अधिकारियों और प्रदेश के मंत्री के यहां दो महीने से गुहार लगाने के बावजूद भी सुनवाई नहीं हो रही है।